आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर डीएड की फर्जी अंकसूची से सरकारी शिक्षक की नौकरी पाने वाले 26 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की गई है इसके पूर्व 8 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की गई थी । डीएड की फर्जी अंकसूची के जरिये सरकारी शिक्षक की नौकरी हंसिल करने पर पर एसटीएफ ने शिकंजा कस दिया है। पिछले माह हुई एफआइआर में आठ शिक्षक ग्वालियर के रहने वाले थे। अब 26 नाम और बढ़ गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा इंदौर के 20 शिक्षक हैं। इंदौर, ग्वालियर के अलावा मुरैना और शिवपुरी के शिक्षक भी शामिल हैं। अब फर्जी अंकसूची से सरकारी शिक्षक बनने वालों की संख्या 34 हो गई है।
एसपी, एसटीएफ अनुसार डीएड की फर्जी अंकसूची मामले में पहले आठ और अब 26 शिक्षकों पर एसटीएफ द्वारा धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज
तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है।। जांच कर रही एसटीएफ टीम ने बताया कि फर्जी अंकसूची का सत्यापन भी फर्जी हुआ है। जब दस्तावेज सत्यापन विभाग द्वारा कराया गया तो माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सही बताया । आरटीआइ कार्यकर्ता द्वारा की गई शिकायत पर जांच मे खुलास हुआ की अंकसूचियों फर्जी है । इसमें माध्यमिक शिक्षा मंडल से ही पुन: रिकॉर्ड मांगा गया। तब स्पष्ट हुआ की यह अंकसूचियां माध्यमिक शिक्षा मंडल से जारी नहीं हुई हैं।
