
ODOP अंतर्गत झाबुआ जिले के उत्पाद कड़कनाथ को बढ़ावा देने हेतु संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने शासकीय कुक्कुट फार्म का किया निरीक्षण
एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के अंतर्गत झाबुआ जिले का चयनित एवं विशिष्ट उत्पाद कड़कनाथ है। इसी क्रम में इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े एवं झाबुआ जिला कलेक्टर नेहा मीना ने शासकीय कड़कनाथ कुक्कुट फार्म, झाबुआ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त द्वारा फार्म में संचालित कड़कनाथ अंडा हेचरी, हेचरी मशीन, चूजों के बाड़े एवं मुर्गों के बाड़े का गहन अवलोकन किया गया। उन्होंने हेचरी मशीन की कार्यप्रणाली, अंडों से चूजों के उत्पादन प्रक्रिया, तापमान एवं स्वच्छता व्यवस्था, चूजों की देखभाल तथा कड़कनाथ मुर्गियों के पालन एवं स्वास्थ्य प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संभागायुक्त द्वारा हेचरी मशीन की कार्यप्रणाली, अंडों से चूजों के उत्पादन की प्रक्रिया, तापमान नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था एवं चूजों की देखभाल से संबंधित समस्त तकनीकी जानकारियां प्राप्त की गईं। साथ ही कड़कनाथ मुर्गियों के पालन, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
डॉ. खाड़े ने अधिकारियों से कड़कनाथ उत्पादन की वर्तमान स्थिति, क्षमता, भविष्य की संभावनाओं एवं विपणन व्यवस्था के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कड़कनाथ झाबुआ जिले की पहचान है तथा ODOP योजना के माध्यम से इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की व्यापक संभावनाएं हैं। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि कड़कनाथ पालन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की दीदियों को भी शामिल किया जाए, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं बाजार से जोड़कर कड़कनाथ पालन को एक सफल आजीविका मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य कड़कनाथ पालन को बढ़ावा देना, किसानों, पशुपालकों एवं NRLM दीदियों को इससे जोड़ना, तथा उत्पादन से लेकर विपणन तक संपूर्ण अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन एवं सुदृढ़ मार्केटिंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने फार्म की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने, आधुनिक तकनीक अपनाने एवं कड़कनाथ को जिले की आर्थिक उन्नति का सशक्त माध्यम बनाने पर जोर दिया।
इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर श्री सी एस सोलंकी, सहायक कलेक्टर श्री आशीष कुमार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री भास्कर गाचले, उप संचालक पशुपालन विभाग डॉ. ए एस दिवाकर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
