
भारत निर्वाचन आयोग के सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने इंदौर में ली निर्वाचन अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
इंदौर
भारत निर्वाचन आयोग के सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने आज इंदौर में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर जिले में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवम वर्मा सहित जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों के एसडीएम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य का दूसरा चरण 23 दिसम्बर से प्रारंभ होगा। 23 दिसम्बर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसी दिन से दावे-आपत्ति लेने का कार्य प्रारंभ होगा जो आगामी 22 जनवरी 2026 तक चलेगा।
बैठक में डॉ. पवन कुमार शर्मा ने निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में, पूर्ण पारदर्शिता और शुद्धता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवम वर्मा ने जिले में अब तक हुई प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि एसआईआर के अंतर्गत अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। बैठक में अब तक पूर्ण हुए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी चरणों पर विशेष चर्चा की गई।
डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि अब दावा-आपत्ति की सुनवाई का चरण प्रारंभ होगा। इसके अंतर्गत जिले में लगभग 4.66 प्रतिशत अनमैप मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर संबंधित मतदाताओं को अपने दावे प्रस्तुत करने होंगे, जिनकी सुनवाई ईआरओ एवं एईआरओ स्तर पर की जाएगी और नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि दावा-आपत्ति की यह प्रक्रिया लगभग एक माह तक चलेगी, जिसके बाद आगामी चरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब प्रशासन का पूरा फोकस इसी चरण पर रहेगा और इसके लिए जिले की पूरी टीम तैयार है। बैठक के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक पूर्ण की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ईआरओ कार्यालय मतदाताओं के नजदीक और सुगम स्थानों पर स्थापित किए गए हैं, ताकि उन्हें दूर न जाना पड़े। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि एक दिन में 50 से अधिक प्रकरणों की सुनवाई न हो, जिससे निष्पक्ष और बेहतर ढंग से सुनवाई संभव हो सके।
