प्रदेश एवं शहर के कोने-कोने से आए बटुकों ने विद्वानों के निर्देशन में किया प्रायश्चित कर्म, सप्तऋषि पूजन और दिवंगतों के लिए तर्पण

इंदौर।
एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ के दसवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विश्व ब्राह्मण समाज संघ एवं हंसदास मठ के संयुक्त तत्वावधान में बंसत पंचमी के पावन प्रसंग पर मठ के पीठाधीश्वर श्रीमहंत स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में 101 बटुकों ने नूतन यज्ञोपवीत धारण किए। करीब 5 घंटे चली शास्त्रोक्त प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इन बटुकों ने जाने-अनजाने में हुई त्रुटियों के लिए प्रायश्चित कर्म, सप्तऋषि पूजन, दिवंगतों के लिए तर्पण जैसे प्रावधानों का पालन कर महामंडलेश्वरजी से कान में मंत्र सुनकर दीक्षा भी ग्रहण की।
विश्व ब्राह्मण समाज संघ के अध्यक्ष पं. योगेन्द्र महंत, हंसदास मठ के पं. अमितदास एवं महंत यजत्रदास ने बताया कि आचार्य पं. विवेक कृष्ण शास्त्री एवं अन्य विद्वानों के निर्देशन में सुबह मंगलाचरण एवं पवित्रीकरण के साथ सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का शुभारंभ हुआ। प्रदेश एवं शहर के कोने-कोने से आए इन बटुकों का सबसे पहले मुंडन कराया गया। दशविध स्नान की रस्म के तहत बटुकों ने मिट्टी, गोबर, भस्म, पंचामृत, गोमूत्र, तीर्थजल एवं दुर्वा आदि से स्नान किया। शरीर प्रक्षालन-शुद्धिकरण के बाद ध्यान संध्या, सूर्य उपासना एवं तर्पण की क्रियाएं संपन्न होने के बाद सभी बटुकों ने हंस पीठाधीश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज से कान में गुरु मंत्र सुनकर गुरू दीक्षा ग्रहण की। तर्पण, प्रायश्चित कर्म एवं सप्तऋषि पूजन के बाद बटुकों ने यज्ञोपवीत धारण किए और यज्ञोपवीत धर्म के अनुरूप विभिन्न रस्मों का निर्वहन भी किया। बटुकों ने मुंडन के बाद मठ पर चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में आहुतियां भी समर्पित की एवं वैदिक शिक्षा ग्रहण करने की शुरुआत भी की। इस दौरान मप्र ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक, विधायक रमेश मेंदोला, कैलाश पाराशर, विनोद जोशी, प्रवीण सोनी, जयदीप दुबे एवं राजेश शास्त्री सहित अनेक सामाजिक धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने बटुकों को आशीर्वाद देकर महायज्ञ में आहुतियां भी समर्पित की।
