इन्दौर
मई माह के पहले रविवार को प्रतिवर्ष मनाए जा रहे ‘विश्व हास्य योग दिवस’ के उपलक्ष्य में रविवार 3 मई को सुबह 7 बजे से पटेल नगर स्थित मतलानी गार्डन पर विशेष हास्य का आयोजन रखा गया है। समाजसेवी रामबाबू अग्रवाल ने बताया कि हंसने की पात्रता और योग्यता ईश्वर ने केवल इंसानों को ही प्रदान की है। यह ऐसी दवा है जो दिल की बीमारियों से भी बचाव करती है और इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता, क्योंकि तनाव के कारण ही दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है।
ऐसे हुई विश्व हास्य दिवस की शुरुआत – अग्रवाल ने बताया कि विश्व हास्य दिवस की शुरुआत 10-11 जनवरी 1998 को मुंबई में हुई थी जब विश्व हास्य दिवस के नाम पर डॉ. मदन कटारिया ने ‘लाफ्टर योग मूवमेंट’ शुरू किया और तब भी उनका मकसद यही था कि लोग तनावमुक्त रहकर जीवन का आंनद लें तथा बीमारियों से दूर रहें। अग्रवाल ने शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और समाज बंधुओं से आग्रह किया कि वे दुनिया और देश के वर्तमान हालातों और व्यर्थ की आशंकाओं से उपजे तनाव से दूर रहकर वर्तमान में खुश रहना सीखें। इंदौर में हास्य महासंघ के आह्वान पर सबसे पहले अध्यक्ष आर डी गुप्ता, संरक्षक ओ पी गुप्ता, रामबाबू अग्रवाल एवं वीरजी के नाम से प्रसिद्द सिख युवा के साथ मतलानी गार्डन से जुलूस के रूप में सड़कों पर उतरकर लोगों को हंसाने की शुरुआत की थी। इसके बाद तो शहर के अनेक उद्यानों में मॉर्निंग वाक के साथ हास्य योग का सिलसिला शुरू हो गया जो अब तक चल रहा है। वर्ल्ड लाफ्टर डे के माध्यम से सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि वे प्रतिदिन उपयुक्त समय पर ज्यादा से ज्यादा हास्य योग अपनाकर अपने फेफड़ों को मजबूत बनाएंगे।
