
अतिथियों द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर इंदौर में नवनिर्मित सभागृह का लोकार्पण किया गया
इंदौर
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदरसिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2047 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा और भारत विश्व गुरु बनेगा। मंत्री श्री परमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीयता से ओत-प्रौत है। इसमें हमारी संस्कृति, सभ्यता और परम्परा समाहित है। नई शिक्षा नीति में आध्यात्म और विज्ञान का अद्भूत समन्वय है और यह हमें आत्मनिर्भर बना रही है। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और शोध को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतवंशी लोग प्रकृति के पूजक है। हमारे यहाँ सूर्य से लेकर चन्द्रमा, पहाड़, नदी, वृक्ष, वनस्पति आदि की पूजा प्राचीन काल से की जाती रही है। इन सबका वैज्ञानिक आधार है। विशेषकर जनजाति समाज आज भी सूर्यास्त के बाद पेड़-पौधों और वनस्पतियों को स्पर्श नहीं करते हैं और नई फसल की पूजा करने के बाद ही उसका उपयोग करते हैं। यह संस्कार हमें प्रकृति के निकट लाता है और हमें प्रकृति के संरक्षण की सीख देता है। मंत्री श्री परमार खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या बाई होलकर विश्वविद्यालय इंदौर में जनजातीय अध्ययन शाला की प्रथम बैच का पाठ्यक्रम के नवनिर्मित सभागृह का लोकार्पण एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूर्णता समारोह में अपना मुख्य संबोधन दे रहे थे। इस अवसर पर सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री गोलू शुक्ला, देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर के कुलगुरू प्रो. डॉ. राकेश सिंघई, कुलसचिव श्री प्रज्जवल खरे विशेष रूप से उपस्थित थे।
मंत्री श्री परमार ने कहा कि नवनिर्मित सभागृह का नाम महान अर्थशास्त्री चाणक्य के नाम पर रखा गया है। आचार्य चाणक्य महाज्ञानी और विद्वान थे। उन्होंने चन्द्रगुप्त जैसा कुशल शासक तैयार किया। उन्होंने आगे कहा कि भारत में बोधायन जैसे महान गणितज्ञ भी हुए और आर्यभट्ट जैसे महान वैज्ञानिक भी हुए। भारत में महापुरुषों की एक लम्बी श्रंखला हैं। लेकिन इसके बावजूद हमारे पाठ्यक्रमों में पाइथोगेरस जैसे शिक्षकों को महान बताया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत के बारे में यह गलत धारणा है कि वह गरीब है। सच्चाई यह है कि भारत ईसा के सैकड़ों वर्ष पूर्व समृद्धशाली था। इसी कारण भारत को लूटने के लिये सिकंदर जैसे शासक आये। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा।
सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाओं के साथ बधाई देते हुए कहा कि वे समाज के बीच जाकर बेहतर कार्य करें, और सुयश प्राप्त करें। वर्तमान दौर रील बनाने का है। ऐसे में नई पीढ़ी को तय करना है कि उसे रील बनाना है या इतिहास बनाना है। यदि आपको इतिहास बनाना है तो उसके लिये अभी से अपना लक्ष्य तय करना होगा। बिना लक्ष्य के कुछ भी संभव नहीं है। यदि लक्ष्य स्पष्ट है तो दुनिया की हर चीज आपके पास होगी। उन्होंने आगे कहा कि जनजातीय समुदाय अपनी जड़ों को मजबूत करें और आगे बढ़े। जनजातीय समुदाय का इतिहास बड़ा गौरवशाली रहा है और समय विकसित भारत के सपने को पूरा करने का है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म जैसे महान व्यक्तित्व और आदर्श हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय आज भी अपनी परम्परा और संस्कृति को बचाये हुए है, जिससे हम सभी को भी बहुत कुछ सीखना चाहिये। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर जनजातीय अध्ययन केंद्र में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य छोटा और बड़ा नहीं होता। हमें जो भी कार्य मिले उसे पूरे उत्साह और लगन के साथ करना चाहिए। उन्होंने अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि लगातार परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
कुलगुरू प्रो. सिंघई ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व है। विश्वविद्यालय आपको ज्ञान देता है, लेकिन उस ज्ञान को जीवन में सार्थक करना आपका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने उच्च शिक्षा को एक नई दिशा प्रदान की है। आज विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम संचालित करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हमें ऐसे युवा तैयार करने हैं जो बहुविषयक सोच रखते हों, अनुसंधान में उत्कृष्ट हों, नवाचार कर सकें, प्रौद्योगिकी का रचनात्मक उपयोग करें और समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोज सकें। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर इसी दृष्टि के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर मंत्री श्री परमार एवं अतिथियों ने जनजातीय अध्ययनशाला और वाणिज्य अध्ययन शाला के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की। साथ ही सामूहिक चित्र भी खिचवायें। मंत्री श्री परमार ने संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम में डॉ. सखाराम मुजाल्दे, डॉ. गीता नेमा, श्री हर्ष चौहान सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, प्रोफेसर, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।
