
इंदौर
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को श्रीश्री रविशंकर विद्यापीठ, इंदौर के विद्यार्थियों ने जिला हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को हाथकरघा बुनाई की संपूर्ण प्रक्रिया, करघे के संचालन तथा वस्त्र निर्माण की विभिन्न तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री आर. एस. भयड़िया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हाथकरघा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक वस्त्र उद्योग के महत्व तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध स्वरोजगार की संभावनाओं से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान सेट प्रभारी श्री महेश कोरी एवं कनिष्ठ ग्रामोद्योग अधिकारी श्रीमती दीक्षा पुराणिक ने विद्यार्थियों को बुनाई से संबंधित तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी तथा करघे के संचालन का प्रदर्शन भी किया। अंत में ग्राम विस्तार अधिकारी श्री देवेंद्र सांखला ने विद्यार्थियों को टेक्सटाइल क्षेत्र में नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाते हुए इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने हथकरघा बुनाई की पारंपरिक कला को निकट से देखा और उससे जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारतीय हस्तकरघा विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराना था।
