
शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किया जाये
कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का समयसीमा में निराकरण किया जाये
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने की विस्तृत समीक्षा
इंदौर
संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में सोमवार को संभागायुक्त कार्यालय में इंदौर संभाग के कलेक्टर्स एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर आयुक्त श्री तरूण भटनागर, एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक सुश्री प्रीति यादव, संयुक्त आयुक्त (विकास) श्रीमती शिवानी वर्मा, प्रभारी उपायुक्त (राजस्व) श्रीमती शैली कनाश सहित अन्य संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में पहली बार जिलों के अधिकारी अपने मुख्यालयों से ही वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। संभागायुक्त ने भूमि के एक प्रकरण में झाबुआ के एडीएम से सीधे संवाद किया और बड़वानी के सीएमएचओ से भी संवाद किया। बैठक में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने मुख्य रूप से राजस्व प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण करने, जनजातीय छात्रावासों में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की रूचि के अनुरूप खेल गतिविधियां कराने, औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने, शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों से जुड़े विभागीय कार्यों को समयबद्ध रूप से करने के निर्देश दिये।
बैठक में सभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने कहा कि जनजातीय छात्रावासों में बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ाने हेतू उन्हें पढ़ाने के साथ-साथ खेल गतिविधियां भी बढ़ायी जाये। बच्चों की रचनात्मकता को ध्यान में रखते हुए उनकी रूचि की गतिविधियां भी करायी जाये। इस हेतू जनजातीय कार्य विभाग एवं संबंधित विभाग विशेष कार्ययोजना बनायें। संभागायुक्त श्री लक्षकार ने सभी जिलों की कार्ययोजना भी मांगी है। साथ ही छात्रावासों में समय-समय पर शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा अन्य गतिविधियां भी करायी जाये।
संभागायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने हेतू विशेष प्रकार की कार्ययोजनाएं संचालित की जा रही हैं। संभाग के उद्यमी योजनाओं से अधिक लाभांवित हो सके, इस हेतू औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं का समयसीमा में निराकरण किया जाये। संभागायुक्त ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी शासन को साक्ष्य एवं दस्तावेज उपलब्ध करायें, ताकि प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण हो सके।
संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने कहा कि 7 अगस्त से प्रारंभ हुए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के तहत आयोजित कार्यक्रमों में समाधान, और सादगी का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित गांव के प्रकरणों का पूर्व से अध्ययन करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान के दौरान नागरिकों को प्रभावी एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के लिए नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर स्तर तक के अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन अनिवार्य रूप से न्यायालय/डायस पर बैठकर प्रकरणों की सुनवाई एवं समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों के कार्यों में शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यदि नायब तहसीलदार से एसडीएम स्तर तक के अधिकारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है, तो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
पटवारियों से राजस्व रिपोर्ट की लगातार निगरानी करे
संभागायुक्त ने कहा कि राजस्व अधिकारियों को पटवारियों से समय पर रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए प्रभावी मॉनीटरिंग एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करना होगा। पटवारियों की रिपोर्ट समय पर प्राप्त होने से राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति आएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि न्यायालय से आदेश पारित होने के बाद प्रकरण को तत्काल क्लोज्ड नहीं किया जाए। संबंधित आदेश का विधिवत अमल सुनिश्चित होने के बाद ही प्रकरण को क्लोज किया जाए। उन्होंने नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर स्तर तक के अधिकारियों को इस व्यवस्था का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर्स को कमर्चारियों के कल्याण के महत्वपूर्ण कार्यों की मॉनिटरिंग और नियमित बैठक करने के निर्देश
संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने अधिकारी-कर्मचारियों के पे फिक्सेशन, समयमान वेतनमान, सर्विस बुक एवं विभागीय जांच से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये विषय सीधे तौर पर कलेक्टर्स के नियमित कार्यों से जुड़े नहीं होते, लेकिन इनके लंबित रहने से कई बार विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े इन मामलों पर कलेक्टर्स को भी ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर पे फिक्सेशन, समयमान वेतनमान एवं सर्विस बुक से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाए, ताकि प्रक्रियाओं में गति लाई जा सके और अनावश्यक लंबित प्रकरण समाप्त हों।
एमपीआडीसी के कार्यकारी प्रबंधक मेघनगर का करेंगे विजिट
संभागायुक्त ने झाबुआ जिले के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण एवं पानी में लाल पानी की मिलावट के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने झाबुआ कलेक्टर एवं एमपीआईडीसी के अधिकारियों को औद्योगिक इकाइयों की जांच एवं परीक्षण करने तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने को कहा। उन्होंने सिंगल एचटीपी एवं कम्बाइंड एचटीपी के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने स्कूली शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा उपस्थिति सार्थक एप पर दर्ज की जाए। उन्होंने ड्रॉप बॉक्स एवं ड्रॉप आउट बच्चों की नए सिरे से समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजातीय छात्रावासों एवं आश्रमों का नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनीटरिंग करने को कहा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए छात्रावासों में उपलब्ध रिक्त सीटों को शत-प्रतिशत भरे जाने के निर्देश भी दिए। संभागायुक्त ने आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार एवं भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की योजनाओं में कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि खरीफ फसल के उपार्जन का भुगतान किसानों को समय पर मिले। किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संभाग में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा सभी हैंडपंपों का क्लोरीफिकेशन कराने के निर्देश दिए। धर्मस्व विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार के कार्यों में गति लाने को कहा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराया जाए। सरदार सरोवर परियोजना के तहत डूब प्रभावितों के पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने तथा उनके लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी योजना के लंबित प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
अस्पतालों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए आयुष्मान के क्लेम प्रस्तुत करने के निर्देश
संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि जिलों में जिला चिकित्सालयों सहित अन्य सिविल अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार किया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान के अंतर्गत उपचार से संबंधित प्रकरण समयबद्ध रूप से क्लेम के लिए प्रस्तुत किए जाएं, ताकि अस्पतालों को समय पर राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आयुष्मान से प्राप्त राशि अस्पताल की आंतरिक व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे अस्पतालों की अनेक आवश्यकताओं एवं कार्यों के लिए शासन स्तर पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा सकेगा।
बैठक के अंत में संभाग के सभी जिला कलेक्टर्स ने अपने-अपने जिलों में किए जा रहे नवाचारों एवं उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी संभागायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की। संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
