
इंदौर,
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज समय-सीमा के पत्रों के निराकरण और अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 50 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि एक नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस जिले में उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम लता मंगेशकर सभागृह, राजेंद्र नगर में प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों एवं उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके लिए स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री अर्थ जैन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही स्कूली विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। जिले में 31 अक्टूबर और एक नवम्बर को प्रमुख शासकीय भवनों में रोशनी की जायेगी।
सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिये गये है कि वे मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम में स्वयं के साथ अपने समस्त विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यक्रम स्थल पर उपस्थिति भी ली जाये।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पंवार, श्री रोशन राय, श्री रिंकेश वैश्य तथा श्रीमती निशा डामोर, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री अर्थ जैन सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि जिले के सभी शासकीय हॉस्टल एवं आश्रमों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ वातावरण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाएगा तथा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के हॉस्टल एवं आश्रमों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री एवं औषधि उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मिलावटखोरों के विरुद्ध चलाया जा रहा अभियान सतत जारी रहेगा। इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
