
इंदौर विश्व रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को देश के देश के पहले निःशुल्क ब्लड कॉल सेंटर पर जिन 302 रक्तदाताओं का सम्मान किया गया उनमें शिर्डी से आए रवीन्द्र अष्टेकर भी शामिल थे जिनके रक्त का ग्रुप “ओ+ बॉम्बे ग्रुप” है, जो 10 लाख लोगों में से किसी एक का होता है। अष्टेकर ने इंदौर स्थित ब्लड कॉल सेंटर पहुंचकर रक्तदान भी किया वहीं समारोह में जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर शिवम वर्मा एवं कॉल सेंटर के सचालक अशोक नायक की ओर से चेतन शर्मा, प्रवीण पाटीदार और हमरीश विश्वकर्मा जैसे तीन नेत्रहीनों और दो दिव्यान्गों का भी सम्मान किया गया। ब्लड कॉल सेंटर पिछले 14 वर्षों से रक्तदाताओं का सम्मान करते आ रहा है।
एमओजी लाइन्स, गंगवाल बस स्टैंड के पास स्थित जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से संचालित इस निशुल्क ब्लड कॉल सेंटर पर आयोजित इस समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के प्रतिनिधि अशोक गोयल, साईं भक्त हरि अग्रवाल, डॉ. आयुषी देशमुख, ह्रदयेश दीक्षित, अतुल मलिकराम, मोतीलाल दायमा, पं. योगेन्द्र महंत, समाजसेवी वीरेन्द्र गुप्ता हाईलिंक, दिव्यांश दवे, राजकुमार साबू एवं संतोष मीणा सहित अनेक विशिष्टजनों ने कॉल सेंटर के संचालक अशोक नायक के साथ उन 251 नियमित रक्तदाताओं के साथ ही 51 महिला रक्तदाताओं का भी सम्मान किया। दामोदर युवा संगठन के पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे।
कॉल सेंटर के संचालक अशोक नायक ने इस अवसर पर बताया कि ओ+ बॉम्बे ग्रुप एक दुर्लभ रक्त ग्रुप है जो 10 लाख लोगों में से किसी एक का होता है। संयोगवश शिर्डी के रवीन्द्र अष्टेकर का यही ग्रुप है। इस ग्रुप में “एच” एंटीजन की कमी होती है। सामान्य ग्रुप वाले रक्त में एंटीजन होता है और इस ग्रुप में नहीं होता है। इस ग्रुप वाले मरीज को इसी ग्रुप के व्यक्ति का खून दिया जा सकता है इसीलिए यह विश्व का दुर्लभ रक्त समूह माना जाता है। दुनिया में मात्र ०.0004 प्रतिशत लोगों में ही इस ग्रुप का खून पाया जाता है। उन्होंने रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों का भी समाधान किया और कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे रक्तदाता के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं होता बल्कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति को हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है और रक्त संचार में सुधार होकर नए ब्लड सेल्स का निर्माण भी तेजी से होता है और लीवर भी सुरक्षित रहता है। रक्तदान करने वाले व्यक्ति की अनावश्यक कैलोरी भी बर्न होती है इसलिए रक्तदान को लेकर व्यापक भ्रांतियों को दूर कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। नायक ने बताया कि उनके कॉल सेंटर द्वारा अब तक 3 लाख से अधिक लोगों को उनकी जरूरत का ब्लड उपलब्ध कराया गया है। इस कॉल सेंटर से 5 लाख से अधिक रक्तदाता जुड़े हुए हैं। कॉल सेंटर के पास 2 ऐसे वाहन भी हैं जो रक्तदाताओं को लाने और ले जाने के लिए निशुल्क उपलब्ध रहते हैं। हम चाहते हैं कि रक्तदाताओं की संख्या और अधिक हो ताकि इंदौर का नाम अन्य मामलों की तरह रक्तदान में भी अग्रणी बन सके। उनके कॉल सेंटर द्वारा पिछले 14 वर्षों में अब तक 21 हजार रक्तदाताओं का सम्मान किया जा चुका है।
इस अवसर पर मंत्री प्रतिनिधि अशोक गोयल ने उपस्थित सभी लोगों को संकल्प दिलाया कि वे दूसरों को जीवनदान देने का पुण्य लाभ उठाने के लिए अपने जीवन में अधिक से अधिक रक्तदान करें क्योंकि रक्त ऐसी जरूरत है, जिसकी पूर्ति न तो किसी फैक्ट्री के उत्पादन से हो सकती है और न ही किसी खेत से।
