आकांक्षा योजना के तहत नीट-जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थी सोमवार को कोचिंग संस्थान की अनियमितता को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा से शिकायत कर कहा है कि शासन से तय कोचिंग क्लास के शिक्षक ठीक से नहीं पढ़ा रहे है। इसके चलते वह प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।विद्यार्थियों की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर ने इन शिक्षकों के पढ़ाने की पद्धति का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए है। इसके लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दसवीं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों ने आकांक्षा योजना के लिए प्रवेश परीक्षा दी, जिसमें प्रदेशभर से 100 से ज्यादा विद्यार्थियों का चयन हुआ है। ये छात्र विद्याश्री एजुकेशन अकादमी में शासन की ‘आकांक्षा योजना’ के अंतर्गत विद्यार्थी कक्षा 11वीं की पढ़ाई कर रहे है, साथ ही एसेंट कोचिंग के माध्यम से छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं । मगर शिक्षकों द्वारा ठीक से नहीं पढ़ाए जाने एवं उचित शैक्षणिक व्यवस्था नहीं मिलने से विद्यार्थियों चिंतित है ।
विद्यार्थियों का कहना है कि योजना के तहत उन्हें नवंबर में स्कूल बुलाया गया था, लेकिन कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं, विद्यालय में पर्याप्त और विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से कभी क्लास लगती है तो कभी बिना सूचना के रद्द कर दी जाती है। इसकी वजह से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।इसका सीधा असर बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर पड़ रहा है। छात्र बताते हैं कि कई विषयों में सिलेबस अभी अधूरा है।
