भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में कांग्रेस राजबाडे पर धरना परदर्शन कर मांग कर रही है की मृतकों के परिजन को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषी अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो। धरने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा चिंटू चौकसे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं धरना-प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने मेयर पुष्यमित्र भार्गव के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि सरकार मृतक परिवारों को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता नहीं देती है तो कांग्रेस चरणबत्र आंदोलन करेगी, इंदौर बंद करेंगे। उन्होंने कहा कि वॉटर टेस्टिंग की दो गाड़ियो के द्वारा वाटर टेस्टिंग हर वार्ड में कराई जाएगी और लोगों को अवगत कराएगी कि पानी शुद्ध है या नहीं? उन्होंने कहा भाजपा सरकार एक गिलास शुद्ध पानी नहीं पिला सकती ।
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 32 मौतों का मामला सोमवार को राज्यसभा में भी उठाया गया था । कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज पानी सबसे गंभीर समस्या बन चुका है और इसमें कोई संदेह नहीं कि जनता को जहरीला पानी सप्लाई किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति विभाग में भारी भ्रष्टाचार है और इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
