
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय पर बैठक सरकारी बोरिंग से कब्जे हटेंगे, तालाबों के पास हाइड्रेंट बनाने के लिए जगह चिह्नित होगी
इंदौर। शहर में पानी की बर्बादी रोकने और जल वितरण व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम अभियान चलाएगा। नलों पर मोटर लगाकर पानी खींचने वालों की मोटर जब्त की जाएगी। सरकारी बोरिंग पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वहीं, शहर के सभी 85 वार्डों में प्याऊ लगाने और तालाबों के आसपास नए हाइड्रेंट बनाने के लिए स्थान चिह्नित किए जाएंगे। इन मुद्दों पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू, अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जलापूर्ति, जल संरक्षण और गर्मी में संभावित जल संकट से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। दीपावली से पहले शहर की सफाई पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। नलों में टोटी लगाने और पानी व्यर्थ बहने से रोकने के लिए एनजीओ की मदद से घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वाहनों को धोने सहित अन्य कामों में पीने के पानी का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं करने की समझाइश दी जाएगी। तीन से चार बार समझाने के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई होगी। मोटर लगाकर पानी खींचने वालों को भी पहले चेतावनी दी जाएगी, इसके बाद मोटर जब्त की जाएगी। निगम सरकारी बोरिंग पर अवैध कब्जे चिह्नित कर उन्हें मुक्त कराएगा। इन बोरिंग से जलापूर्ति लाइन बिछाकर अधिक घरों तक पानी पहुंचाने की संभावनाएं भी देखी जाएंगी। बार-बार जल संकट का सामना करने वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां के लिए अलग कार्ययोजना तैयार होगी। साथ ही, सभी 85 वार्डों में कम से कम एक प्याऊ स्थापित करने के लिए जगह चिह्नित की जाएगी।बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से घास हटाने, निर्माण एवं विध्वंस का मलबा (सीएंडडी वेस्ट) उठाने और विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। लक्ष्य है कि दीपावली से पहले सफाई के जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं।
पहले 2-3 बार समझाइश, फिर वीडियो बनाकर कार्रवाई; दीपावली तक चलेगा निगरानी अभियान

इंदौर। शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव सोमवार तड़के सड़कों पर उतरे। उन्होंने पार्श्वनाथ, विनय नगर, जैन कॉलोनी और लोकमान्य नगर में रहवासियों से संवाद कर पानी का अपव्यय रोकने की अपील की। इस दौरान जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा ‘बबलू’, पार्षद योगेश गेदर और नगर निगम के जोनल अधिकारी मौजूद रहे।
महापौर ने कहा कि गर्मी में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में पानी की बर्बादी का नुकसान अंततः शहरवासियों को ही उठाना पड़ेगा। हर घर में पानी का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक होना चाहिए, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।
महापौर ने एनजीओ की टीम को निर्देश दिए कि पानी बर्बाद करने वालों को दो-तीन बार समझाइश दी जाए। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर वीडियो बनाकर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आरओ से निकलने वाले वेस्ट पानी को पौधों में डालने, गाड़ी और कपड़े धोने जैसे कामों में दोबारा इस्तेमाल करने की सलाह दी। इससे पीने योग्य पानी की अनावश्यक खपत कम की जा सकती है।
महापौर ने एनजीओ की टीम को दीपावली तक अभियान का चार्ट तैयार करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर हरी घास दिखाई दे रही है, वहां दो-दो दिन का समय तय कर उसकी कटाई कराने को भी कहा।
नगर निगम का जोर लोगों को जागरूक करने के साथ पानी की बर्बादी पर रोक लगाने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने पर है।
