
पारिवारिक मोह और कर्तव्य का भ्रम ही जीवन की असली भटकन: संत कमल किशोर नागर जी
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया व्यास पीठ का पूजन; 10 मार्च तक बहेगी भक्ति की रसधार
इंदौर | गोम्मटगिरी की तलहटी स्थित गोवर्धन गौशाला परिसर में मालव माटी के प्रखर संत पंडित कमल किशोर जी नागर के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का मंगलमय शुभारंभ हुआ। ‘कदम वाटिका’ के रूप में सजे भव्य पंडाल में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच संत श्री नागर जी ने जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाया। व्यास पीठ से कथा का मर्म साझा करते हुए संत नागर जी ने कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण मात्र नहीं, बल्कि जीवन का प्रमाणित सत्य है। उन्होंने कहा: “जीवन में हम जिस परम तत्व (ईश्वर) की प्राप्ति का लक्ष्य रखते हैं, मार्ग में मिलने वाले सांसारिक तत्व हमें वहां तक पहुंचने ही नहीं देते। अक्सर पारिवारिक मोह और अपने कर्तव्यों को लेकर पाल लिया गया भ्रम ही इंसान को उसके आध्यात्मिक पथ से विचलित कर देता है। भागवत हमें इसी भटकाव से निकलकर सही मार्ग पर चलना सिखाती है।”
कलश यात्रा में दिखा भक्ति का अनूठा संगम
कथा के प्रथम दिन राधा-कृष्ण मंदिर से एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों की मधुर स्वर लहरियों के साथ निकाली गई इस यात्रा में हजारों महिला-पुरुष शामिल हुए। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं और भक्ति भजनों पर झूमते श्रद्धालुओं ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। गौशाला मंदिर से प्रारंभ हुई यह यात्रा पोथी पूजन के पश्चात कथा स्थल (कदम वाटिका) पहुँची।
कैबिनेट मंत्री ने लिया आशीर्वाद
आयोजन के दौरान गुरुवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन किया और संत नागर जी से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मेजबान परिवार के सदस्यों ने महाआरती की, जिसमें आस्था का विहंगम दृश्य दिखाई दिया। पश्चिम क्षेत्र के इस बड़े आयोजन में न केवल शहर बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।
