यूँ ही नहीं हो जाते हैं किसी संस्था के निर्विरोध चुनाव…!!
13 उम्मीदवारों को इस तरह मनाया गया
इन्दौर, 14 अप्रैल। सामाजिक संस्थाओं में नए पदाधिकारी बनने और चुनाव के नाम पर लगभग सभी समाजों में या तो कुछ न कुछ विवाद चल रहे हैं या किन्हीं अन्य कारणों से निर्विरोध चुनाव होने की शालीन परम्परा अब लुप्त होती जा रही है लेकिन पिछले सप्ताह माहेश्वरी समाज की संस्था महेश जनसेवा ट्रस्ट के “महेश्वरम” संगठन के चुनाव के दौरान कुछ ऐसे प्रसंग देखने को मिले जिनसे लगता है कि समाज में यदि कुछ समझदार और जागरूक लोग हों तो सामाजिक संस्थाओं में चुनाव को लेकर किसी तरह के विवाद या तो होंगे ही नहीं या होंगे भी तो कुछ वजनदार लोगों के हस्तक्षेप से समय रहते उनका समाधान हो जाएगा।
माहेश्वरी समाज के प्रकल्प महेश्वरम, महेश जनसेवा ट्रस्ट के चुनाव निर्विरोध सम्पन्न होने के समाचार तो लगभग सभी समाचार माध्यमों में प्रसारित और प्रकाशित हो चुके हैं लेकिन निर्विरोध और शालीन चुनाव होने के पीछे समाज के कुछ प्रभावशाली लोगों ने जो प्रयास किए, वो इसलिए भी उजागर होने चाहिए कि समाज में चुनाव अथवा विवाद की स्थिति को किस तरह समझदारी के साथ मिल बैठकर टाला जा सकता है। अ.भा. माहेश्वरी महासभा के पदाधिकारियों तक जब महेश्वरम के चुनाव और जरूरत से ज्यादा उम्मीदवारों के नामांकन भरने की खबर पहुंची तो वरिष्ठ समाजसेवी गिरधरलाल शारडा, रामविलास राठी, रामावतार जाजू एवं ओमप्रकाश धूत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे निर्विरोध चुनाव होने में बाधक बन रहे 13 सदस्यों से उनके नामांकन वापस लेने का अनुरोध करें।
महासभा के निर्देश पर इन चारों वरिष्ठ सदस्यों ने सभी 13 सदस्यों से सम्पर्क किया। ये सभी मारवाड़ी माहेश्वरी प्रगति मंडल से जुड़े उम्मीदवार थे, जिनका करीब 5 से 6 करोड़ रुपए का अंशदान महेश्वरम भवन के निर्माण में लगा हुआ है। भवन के निर्माण की कुल लागत करीब 11 करोड़ रुपए मानी जाती है और उसमें से 6 करोड़ रुपए का योगदान मारवाड़ी माहेश्वरी प्रगति मंडल का माना जाता है जिसमें ट्रस्टी रूम, डोनर्स एवं विशेष सहयोग भी शामिल है। इन वरिष्ठ सदस्यों ने प्रगति मंडल के सदस्यों को एक भावुक पत्र भेजा और उनसे आग्रह किया कि वे आपसी मतभेदों को एक तरफ रखकर समाज के हित में आपसी सहमति से निर्णय लेकर मजबूत पैनल बनाएं और प्रयास करें कि चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हो जाएं। न केवल पत्र बल्कि चुनाव को निर्विरोध कराने के लिए इन वरिष्ठ सदस्यों ने 2 दिनों तक लगातार चुनाव के पहले रात 2-2 बजे तक इन उम्मीदवारों के साथ बैठकें की और अंततः इन्हें अपने नामांकन पत्र वापस लेने के लिए राजी कर ही लिया। इस तरह महेश्वरम ट्रस्ट के चुनाव में ओमप्रकाश पसारी की अध्यक्षता में नई कार्यकारिणी में संजय मानधना सचिव पद पर निर्वाचित हुए हैं। इस तरह बिना किसी चुनाव के महेश्वरम के चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हो गए। इन 13 सदस्यों द्वारा लिए गए निर्णय की पूरे समाज में मुक्त कंठ सराहना की जा रही है।
