सॉलिटेयर ग्रुप के 35 युगलों ने बाउल मेडिटेशन और नियॉन
थीम एक्वा जुंबा में दर्ज कराई उत्साहपूर्ण भागीदारी

इंदौर जैन समाज के युवाओं की प्रतिष्ठित संस्था सॉलिटेयर ग्रुप द इनर सर्कल के सदस्यों ने पालदा स्थित एक रिसोर्ट पर अनूठे अंदाज में बुद्ध बाउल मेडिटेशन और नियॉन एक्वा जुंबा के साथ अपनी दावत सजाई। संयोजक गौरव-रिया जैन ने बताया कि बाउल मेडिटेशन में ग्रुप के 35 युगलों ने शिरकत की और इन लम्हों को ऊर्जा और मनोरंजन, मस्ती और धमाल तथा सेवा के संकल्प से यादगार बना दिया। रोचक स्पर्धाओं में सौरभ-रितु बरबेटा ने अपनी शानदार केमेस्ट्री से विजेता का ख़िताब अपने नाम कर लिया। ग्रुप के सदस्य अर्पित-शिल्पा पामेचा और अमन-पायल जैन सहित सभी युगलों ने बुद्ध बाउल की मधुर धुनों पर मेडिटेशन भी किया और आन्तरिक शांति को भी अनुभूत किया।
पार्टी की शुरुआत सुबह साउंड हीलिंग से हुई। देर रात तक चले उत्सव में ऋषभ-प्रीति कोठारी, पराग-अंकिता सुराना, अर्पित-स्वीटी जैन, निखिल-नयन बोथरा, वैभव-परिधि, अतुल-आकांक्षा सेठी, मयंक-ऋषिका और सौरभ-शिल्पा भंडारी सहित सभी सदस्यों ने अपने मनोरंजन के साथ ही इस सुबह की शुरुआत साउंड हिलींग और शारीरिक ऊर्जा के लिए नियॉन एक्वा जुंबा के साथ की। सभी सदस्यों ने रिसोर्ट के स्विमिंग पूल में नियॉन एक्वा जुंबा में अपने पिकनिक के साथ ग्रीष्मकाल में पानी बचाकर बूंद-बूंद का सदुपयोग करने और पशु-पक्षियों के लिए अपने घर-आँगन में दाना-पानी रखने का संकल्प भी लिया।
उल्लेखनीय है कि बुद्ध बाउल मेडिटेशन वह ध्वनि चिकित्सा है जिसमें धातु के बने विशेष कटोरों का उपयोग कर एक लड़की की स्टिक से ध्वनि और कम्पन कर जो गहरी और सुरीली ध्वनि निकलती है वह शरीर और दिमाग को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इसी तरह नियॉन एक्वा जुंबा ऊर्जावान और वाइब्रेंट अभ्यास का सत्र है जो पानी के अंदर की जाने वाली एक्सरसाइज़ को नियॉन थीम कलर्स और विशेष लाइटिंग के साथ जोड़कर किया जाता है। प्रतिभागी आमतौर पर स्विम वियर, रिस्ट बैंड या बॉडी पेंट का इस्तेमाल करते हैं जो अँधेरे में चमकते हैं। सॉलिटेयर ग्रुप ने पहली बार अपबीट और हाईडेसिमल संगीत जैसे लातिनी, हिपहॉप या बॉलीवुड रीमिक्स का इस्तेमाल होता है और नियॉन थीम होने के कारण इसमें नाईट क्लब या पूल पार्टी जैसा माहौल बन जाता है जिससे प्रतिभागियों में थकान महसूस नहीं होती बल्कि उत्साह और उर्जा का संचार होता है। सॉलिटेयर ग्रुप के सदस्यों ने अपने इस पूरे दिन को इन दोनों क्रियाओं के साथ पूरे उत्साह के साथ आत्मसात किया।
