भगवान के साथ अपना कनेक्शन जुड़े बिना जीवन में न तो करेक्शन हो
पाएगा और न ही श्रेष्ठ विचारों और गुणों का कलेक्शन-योगरूचि म.सा.

इंदौर जीवन में भगवान के साथ अपना कनेक्शन जब तक नहीं जुड़ेगा, हमारे कर्मों में करेक्शन भी नहीं आ पाएगा। मनुष्य जीवन बार-बार नहीं मिलता। कनेक्शन और करेक्शन के साथ यह ध्यान भी रखना पड़ेगा कि हम अपने साथ किन विचारों, गुणों और वस्तुओं का कलेक्शन करते जा रहे हैं। संग्रह करना मनुष्य की प्रवृत्ति है। हम जीवन में संग्रह के बहुत अधिक अभ्यस्त होते जा रहे हैं। भगवान के प्रति हमारा कनेक्शन इतना मजबूत और सार्थक होना चाहिए कि हम अपनी गलतियों को सुधारने का करेक्शन भी करते रहें और श्रेष्ठ विचारों एवं सदगुणों का कलेक्शन कर अनावश्यक वस्तुओं के संग्रह से भी बचते रहें। सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह और दया-करुणा जैसे सदगुण इन्हीं 3 प्रवृत्तियों से सृजित होंगे।
ये प्रेरक और ओजस्वी आशीर्वचन हैं प.पू. पंयास प्रवर योगरुचि विजय म.सा. के, जो उन्होंने रविवार को द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर के 25वें ध्वजारोहण महोत्सव के शुभारंभ प्रसंग पर मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में आशीर्वचन देते हुए व्यक्त किए। धर्मसभा में प.पू. वर्धमान तपोनिधि प्रियदर्शन विजय म.सा. एवं नंदीरूचि विजय म.सा. आदिठाणा की पावन निश्रा भी प्राप्त हुई। इसके पूर्व सुदामा नगर स्थित सेठी गेट से द्वारकापुरी मंदिर तक बैंड-बाजों के साथ भव्य मंगल प्रवेश जुलूस भी निकाला गया। सांसद शंकर लालवानी सहित अनेक जन प्रतिनिधियों ने जुलूस में शामिल होकर गुरुदेव के शुभाशीष प्राप्त किए। जुलूस के मंदिर पहुँचने पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय नाहर, उपाध्यक्ष सुशील कुकड़ा एवं सचिव चेतन भंडारी के साथ लाभार्थी परिवारों की ओर से प्रकाशचंद्र, आशीष कुमार, अयांश पारख ने भी समाज बंधुओं की अगवानी की। जुलूस में वीरमणि युवामित्र मंडल, शीतलनाथ महिला मंडल, सामायिक मंडल, श्रीसंघ एवं ध्वजा महोत्सव से जुड़े सैकड़ों बंधु शामिल हुए। मार्ग में अनेक स्थानों पर समाज बंधुओं ने गुरुदेव का पाद प्रक्षालन एवं पूजन किया। समूचे यात्रा मार्ग को रंगोली एवं पताकाओं से सजाया गया था।
ट्रस्ट के अमृत मूणत, विनोद कोठारी एवं अजय लुणावत ने बताया कि छः दिवसीय इस महोत्सव में सोमवार 4 मई को सुबह गुरुदेव के सानिध्य में बड़ी स्नात्र महापूजा, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती समता तरवेचा, चन्दन जैन एवं सुनीता जैन के निर्देशन में दोपहर 2.30 बजे वीररत्न आराधना धाम पर महाचौबीसी, 5 मई को गुरुदेव द्वारा प्रातः 7.30 बजे नवकार महामंत्र के 68 अक्षरों पर 68 तीर्थों की भावयात्रा का एलईडी के माध्यम से प्रदर्शन एवं 6 मई को सुबह पार्श्वनाथ भगवान के महापूजन तथा नवकारसी एवं रात्रि में प्रभुभक्ति, 7 मई को श्रीसिद्धाचल नवाण प्रभारी महापूजन की आराधना एवं रात्रि में प्रभु मणिभद्रवीर की संगीतमय महाआरती एवं भजन संध्या संगीतकार राज मोदी (उज्जैन) की प्रस्तुतियों के साथ होगी। महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 8 मई को गुरुदेव की पावन निश्रा में सुबह विधिकर्ता आशीष जैन (जावरा) के निर्देशन में स्नात्र पूजन के बाद ध्वजारोहण विधि प्रारंभ होगी। इस दौरान 70 वेदी पूजन ध्वजा वरघोडा और मंदिरजी के शिखर पर 25वां ध्वजारोहण होगा।
अनेक परिवार बनेंगे लाभार्थी – ट्रस्ट के रीतेश सेखावत, सतीश जैन एवं दिनेश धींग ने बताया कि ध्वजा स्थापना के पश्चात नार्मदीय ब्राह्मण धर्मशाला पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी होगा। 5 मई के कार्यक्रमों का लाभ लुणावत परिवार मातमोर वाले तथा श्रीमती कैलाश बेन, प्रदीप-मनीषा, संजय-मनीषा, अजय-बबीता आदि लेंगे। 6 मई के कार्यक्रमों का लाभ संजय मनोज इशु नाहर परिवार लेंगे। 7 मई के कार्यक्रम का लाभ महेंद्र पुलकित डांगी परिवार लेगा। 8 मई को अधिष्ठायक देवरिया की ध्वजा के लाभार्थी संजय मनोज इशु नाहर परिवार एवं गुरुदेव की देवरिया के ध्वजारोहण का लाभ सुभाष शशि चतर परिवार ने लिया है जबकि ध्वजारोहण, नवकारसी एवं स्वामी वात्सल्य के मुख्य लाभार्थी अरुण-संध्या, अभिषेक-लवीना, अजय-अनीता पोरवाल परिवार होंगे।
अनेक अतिथि शामिल होंगे – समिति के नितिन बावेल एवं यशवंत जैन ने बताया कि महोत्सव में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव मुख्य अतिथि, उद्योगपति जयसिंह-टीना जैन, दीपक जैन टीनू, भारत पारख, दिलीप सी जैन, विमल नाहर एवं राजेंद्र जैन विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम एवं मंच को आकर्षक और सुचारू स्वरुप प्रदान करने के लिए विशाल पितलिया, जितेन्द्र मुरार, प्रक्षाल छाजेड़ एवं वरघोडा तथा स्वामी वात्सल्य की जिम्मेदारी शुभम खाब्या, विकास जैन एवं पुलकित डांगी को सौंपी गई है। श्रीसंघ के वरिष्ठ श्रावक कांतिलाल लुणावत, अभय राखेचा एवं जवाहर लोढ़ा ने ध्वजारोहण महोत्सव में श्रीसंघ से अधिकाधिक संख्या में पधारने और महोत्सव की धर्मयात्रा का लाभ लेने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर पर 24 वर्षों पूर्व प.पू. गच्छाधिपति आचार्य जयघोष सूरीश्वर म.सा. के सानिध्य एवं प.पू. आचार्य वीररत्न सूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा में ध्वजा की स्थापना की गई थी। अब मंदिर प्रांगण में इस वर्ष नवप्रतिष्ठित भगवान शंखेश्वर प्रभु, श्री नाकोडा भैरवजी, श्री भौमिया देव के साथ गुरुदेव आचार्य श्री वीररत्न सूरीश्वर म.सा. का गुरु मन्दिर भी प्रतिष्ठित हो चुका है।
