
इंदौर
संयुक्त संचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह एवं उनकी टीम के साथ प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के खेतों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम सिमरोल महु में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक श्री जितेन्द्र पाटीदार द्वारा 3 एकड़ में हल्दी की विभिन्न किस्मों वायगांव, राजापुरी , सेलम आदि हल्दी की खेती का निरीक्षण किया, जिसमें इनमें 3 से 7 प्रतिशत तक करक्यूमिन पाया जाता हैं। इसके अलावा आमा हल्दी और कस्तूरी हल्दी की किस्मों के फील्ड का भी निरीक्षण किया गया। कृषक श्री पाटीदार ने बताया कि इनसे हल्दी पाउडर, मिल्क स्पेशल हल्दी पाउडर और हल्दी के पत्तों से तेल निकाल कर टर्मरिक कोकोनट ऑयल जो स्किन के लिए उपयोगी हैं, इसे भी बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि हल्दी प्रोसेसिंग हेतु स्वयं की यूनिट भी लगाई है, जिससे वैल्यू एडिशन करके हल्दी के उत्पादों की मार्केटिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे उत्पादक ई-प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं, जिससे प्रति एकड़ दो से तीन लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त किया हो रहा है ।
किसान द्वारा स्थापित बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर का भी अधिकारियों ने अवलोकन किया गया
साथ ही सोयाबीन दिवस पर ग्राम मेंमदी महू का केन्द्रीय सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. के.एच. सिंह, अनुसंधान समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.के. बंगा के साथ संयुक्त संचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह द्वारा सहभागिता कर किसानों को सोयाबीन की फसल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। अधिकारियों ने सोयाबीन की खेती के फायदे, बेहतर उत्पादन के तरीके और फसल में होने वाले नुकसान के कारणों के बारे में किसानों को बताया। साथ ही फसल में कीट और रोगों से बचाव में कृषि अधिकारियों ने सलाह दी। कृषि विशेषज्ञों ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसानों को सलाह दिए कि यदि पानी नहीं गिरता है तो फसलों में हल्की सिंचाई करें। इसके बाद अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने उन्नत किसानों के खेतों पर पहुंचकर सोयाबीन की नई किस्म NRC-150 के प्रदर्शन का निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि निरीक्षण के दौरान फसल की स्थित बहुत अच्छी पायी गई।
निरीक्षण के दौरान सोयाबीन दिवस परउप संचालक कृषि इंदौर श्री संदीप यादव, प्राचार्य कृषक प्रशिक्षण केन्द्र श्री चौहान, अनुविभाग कृषि अधिकारी श्री शोभाराम असके, सहायक संचालक कृषि श्री दिलीप जाट एवं देवी सिंह वर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी महू श्री सर्वजया कोकोडे, विकासखंड तकनीकी प्रबंध श्रीमती मीति गुप्ता, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती करिश्मा कनेल, कृषि विस्तार अधिकारी श्री छतर सिंह डुडवे सहित उन्नत कृषकगण भी मौजूद रहे।
