विंध्याचल नगर, गुमाश्ता नगर एवं यशवंत निवास रोड पर एक हजार बच्चों ने उठाया भोजन सेवा का लाभ
इंदौर जिनवाणी के माध्यम से तीर्थंकर भगवान ने हम पर अनंत उपकार किए हैं। आज हमारी नई पीढ़ी सही दिशा और मार्गदर्शन के अभाव में भटकने लग रही है। अपनी संस्कृति, परम्परा और जीवन मूल्यों को जीवित रखे बिना कोई भी समाज या व्यक्ति संस्कारित नहीं बन सकता। ज्ञान के साथ संस्कारों का होना भी आवश्यक है।
ये प्रेरक विचार हैं गुमाश्ता नगर स्थित मुकुट मांगलिक परिसर में साधुमार्गी जैन समता संघ के तत्वावधान में चल रहे पर्युषण महोत्सव की धर्मसभा में आचार्य भगवंत रामलाल म.सा. के शासन दीपक अटल मुनि म.सा. ने व्यक्त किए। साधुमार्गी जैन समता संघ के अध्यक्ष पारस बोहरा एवं मीडिया प्रभारी मनीष बोहरा ने बताया कि विन्ध्याचल नगर स्थानक और यशवंत निवास रोड स्थित समता भवन पर भी प्रवचनों की अमृतवर्षा का क्रम जारी है। तीनों स्थानों पर पर्युषण महापर्व के समापन के बाद भी बड़ी संख्या में समाज बंधु आकर जिनवाणी का पुण्य लाभ ले रहे हैं। इन तीनों स्थानों पर पर्युषण के 10 दिनों में प्रतिदिन 100-100 विद्यार्थियों ने भोजन सेवा का लाभ भी लिया और स्वयं को भोजन के साथ धर्म ध्यान से भी जोड़े रखा। इनमें से अधिकांश छात्र-छात्राएं बाहर गाँव से इंदौर आकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन्होने नियमित रूप से अपनी सुविधा के अनुसार तीनों स्थानों पर व्याख्यान, प्रतिक्रमण एवं धार्मिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। तीनों स्थानों पर एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए जिन्होंने रात्रि भोजन का भी त्याग किया। विंध्याचल नगर में तेजकुमार तांतेड, दीपक सुराना, गुमाश्ता नगर में अनिल डूंगरवाल एवं मनीष भटेवरा तथा समता भवन यशवंत निवास रोड पर ललित दुग्गड़ एवं पारस जैन ने भोजन की व्यवस्थाएं संभाली।
संघ के अध्यक्ष पारस बोहरा ने तीनों स्थानों पर की गई भोजन व्यवस्था और छात्रों द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहला अवसर था जब पर्युषण महापर्व के दौरान साधुमार्गी जैन समता संघ की ओर से बाहर से आए विद्यार्थियों के लिए भोजन सेवा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं ने परस्पर क्षमायाचना करते हुए मैत्री, प्रेम और सदभाव के साथ जीवन जीने का संकल्प भी लिया।
