
संभागायुक्त ने कहा—फील्ड निरीक्षण एवं जनसमस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया निरंतर रहेगी
प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, पलायन से प्रभावित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने एवं छात्रावासों में नियमित संवाद के दिए निर्देश
जन समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों पर हुई सुनवाई, 27 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का किया गया निराकरण
इंदौर
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को झाबुआ जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कल्याणपुरा में जन समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा आवेदकों की समस्याओं को सुनकर उनके निराकरण की कार्यवाही की गई। इसी अवधि में सीएम हेल्पलाइन की 27 शिकायतों का भी निराकरण किया गया।
शिविर में इंदौर संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार, झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार, जिलाध्यक्ष श्री भानु भूरिया सहित जनप्रतिनिधि, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, हितग्राही एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
फील्ड में पहुंचकर समस्याओं को समझना और उनका निराकरण करना अभियान का उद्देश्य—संभागायुक्त
संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार फील्ड में संचालित कार्यों एवं योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए निरीक्षण की कार्ययोजना बनाई गई है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। जन विश्वास अभियान के शिविर के पूर्व भी अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं को समझने तथा उनके निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। शासन की मंशा है कि अधिकारी फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखें और आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करें।
संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने जिले में प्राकृतिक कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाला समय प्राकृतिक कृषि का है। रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए कृषकों को धीरे-धीरे प्राकृतिक कृषि की ओर आगे बढ़ना चाहिए और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर ध्यान देना चाहिए।
संभागायुक्त ने छात्रावासों में रहने वाले बच्चों से अधिकारियों को नियमित संवाद करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों से निरंतर बातचीत करने से उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी समय पर मिल सकेगी और उनका उचित निराकरण किया जा सकेगा। बच्चों को जागरूक एवं प्रेरित किया जाए, साथ ही वे शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कलेक्टर को ड्रॉप आउट एवं अन्य राज्य में जाने वाले परिवारों के बच्चों को शिक्षा से निरंतर जोड़े रखने के लिए विशेष कार्ययोजना अथवा प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को ‘फील्ड डे’ के रूप में किया जा रहा उपयोग—कलेक्टर
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की मूल भावना के अनुरूप सादगी के साथ कार्यक्रम आयोजित कर आमजन की समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में शुक्रवार को ‘नो मीटिंग डे’ रखते हुए इसे फील्ड डे के रूप में उपयोग किया जा रहा है, ताकि अधिकारी कार्यालयों के साथ-साथ क्षेत्र में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिकों की समस्याओं की वास्तविक स्थिति जान सकें।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। फील्ड में जाने से स्थानीय स्तर की ऐसी समस्याएं भी सामने आती हैं, जिनका कार्यालय स्तर पर पता नहीं चल पाता।
कलेक्टर ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्रीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। कल्याणपुरा में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। जर्जर विद्यालय भवनों के संबंध में भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के साथ नियमित निरीक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों की दीदियों के माध्यम से भी समुदाय को योजनाओं एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यातायात व्यवस्था एवं जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्यवाही—पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान में जनसमस्या निवारण के साथ उद्यमी संवाद के माध्यम से नागरिकों एवं युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं डेमो चेक किए प्रदान
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं डेमो चेक भी प्रदान किए गए। मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा मुद्रा योजना के अंतर्गत कटारा समूह बरखेड़ा की श्रीमती पूजा कटारा को किराना दुकान के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक कल्याणपुरा के माध्यम से एक लाख रुपये तथा लक्ष्मी समूह कल्लीपुरा की श्रीमती सविता मकवाना को पोल निर्माण के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक कल्याणपुरा के माध्यम से दो लाख रुपये की ऋण राशि के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
इसी प्रकार मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सीसीएल योजना के अंतर्गत लक्ष्मी समूह मोरीपाड़ा को मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक कल्याणपुरा के माध्यम से 15 लाख रुपये, गणेश समूह जुलवानिया को 10 लाख रुपये तथा वर्षा समूह गोपालपुरा को 10 लाख रुपये की ऋण राशि के डेमो चेक प्रदान किए गए।
पशुपालन विभाग की बकरी पालन योजना के अंतर्गत श्री जोगड़िया गुंडिया एवं श्रीमती लीला सिंगाड़िया को पंजाब नेशनल बैंक झाबुआ के माध्यम से 77-77 हजार रुपये तथा श्री विशाल खपेड़ को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया झाबुआ के माध्यम से 77 हजार रुपये की ऋण राशि के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त विकास निगम द्वारा भगवान बिरसा मुंडा योजना के अंतर्गत श्रीमती मईली मेड़ा को कपड़ा व्यवसाय के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, झाबुआ के माध्यम से 4 लाख 50 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया।
उद्यमी संवाद में समूह की दीदियों ने साझा की आत्मनिर्भरता की यात्रा
उद्यमी संवाद के दौरान श्रीमती खेतु कटारा ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि पूर्व में उन्हें रोजगार के लिए बच्चों को साथ लेकर दूर-दूर तक जाना पड़ता था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने विभिन्न चरणों में समूह से आर्थिक सहायता प्राप्त की और बाद में दो लाख रुपये का ऋण लेकर स्वयं का काम शुरू किया। उन्होंने ट्रैक्टर, थ्रेसर मशीन एवं पानी की मोटर सहित आजीविका के लिए आवश्यक संसाधन खरीदे। प्राप्त ऋण का भुगतान भी कर दिया है। वर्तमान में वे लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति बेहतर होने से बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिली है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
श्रीमती वीणा भाबोर ने बताया कि वे आशा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और समूह की अध्यक्ष हैं। समूह से जुड़ने से पहले उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था तथा बैंक एवं अन्य संस्थाओं तक पहुंच भी सीमित थी। वर्ष 2015 में समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। उनके समूह द्वारा 20 लाख रुपये का ऋण तथा ग्राम संगठन से दो लाख रुपये का ऋण लिया गया। इसके माध्यम से उन्होंने घर में किराना दुकान प्रारंभ की और सिलाई मशीन खरीदी। उनके समूह को शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन का अवसर भी मिला। वर्तमान में वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर र…
