माहेश्वरी कुटुम्ब के गरबा रास महोत्सव में तीन हजार से अधिक दर्शकों और 800 मातृशक्ति ने की भागीदारी

इंदौर, संस्था माहेश्वरी कुटुम्ब की मेजबानी में स्कीम 71, रिंग रोड स्थित ब्लू लोटस गार्डन पर चल रहे तीन दिवसीय गरबा रास महोत्सव के समापन प्रसंग पर तीन हजार से अधिक दर्शकों और 800 से अधिक मातृशक्ति ने संभावित पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए पानी की बचत की दिशा में हरसंभव कदम उठाने और जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। इसके पूर्व श्रीकृष्ण रास गरबा की मनोहारी प्रस्तुतियों ने परिसर में उपस्थित दर्शकों को कुछ देर के लिए ही सही, ब्रजभूमि की अनुभूति भी कराई। अहमदाबाद (गुजरात) के 10 प्रशिक्षकों और संगीतकारों के सुर-ताल के बीच जैसे ही माता रानी के जयघोष के साथ शुभारंभ हुआ, एक के बाद एक होने वाली रास गरबा की प्रस्तुतियों ने कोई पांच घंटे तक समय को थामे रखा।
माहेश्वरी कुटुम्ब के सूत्रधार शारदा प्रकाश अजमेरा दम्पत्ति ने बताया कि कृष्ण, राधा और गोपियों के रूप में मातृशक्ति ने अलौकिक श्रृंगार कर एक ताल, दो ताल, तीन ताल और परम्परागत संगीत की धुनों पर थिरकते हुए पूरे पांच घंटों तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। गरबे की यह रात मध्यरात्रि तक चली जिसका समापन पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल, एमआईसी सदस्य पार्षद अभिषेक बबलू शर्मा, पार्षद शिखा संदीप दुबे, डॉ. आयुषी देशमुख (भय्यू महाराज आश्रम), पुलिस उपायुक्त पवन सिंघल, कांग्रेस नेता रघु परमार सहित अनेक अतिथियों द्वारा पानी की बचत करने के संकल्प के साथ हुआ। अतिथियों ने भी संयोजक शारदा प्रकाश अजमेरा एवं मातृशक्ति का अभिनन्दन किया। आयोजन समिति की ओर से श्रीमती शारदा अजमेरा, नीलू मालपानी, माधुरी सोमानी, सुमन सोनी, राखी अजमेरा, वर्षा परवाल ने सभी व्यवस्थाएं संभाले रखी। अतिथियों की अगवानी प्रकाश अजमेरा, पुष्प माहेश्वरी, अशोक इनानी, मनोज छापरवाल, रुपेश भूतड़ा, श्रीमोहन सोमानी, गोपाल राठी एवं कैलाश जाजू ने की। मातारानी से राष्ट्र और समाज में सुख, शांति एवं सद्भाव की प्रार्थना एवं जल की बचत के संकल्प के साथ महोत्सव का समापन हुआ ।
