मुनि प्रवर उदयरत्न सागर को गणि पद प्रदान के साथ मुमुक्षु के दीक्षा महोत्सव का भी अनुष्ठान जारी – आज निकलेगा वर्षी दान वरघोडा


इंदौर, । इंदौर महानगर में श्वेताम्बर जैन समाज के चातुर्मास पश्चात कार्यक्रमों की श्रृंखला शुक्रवार को वीआईपी रोड स्थित दलालबाग पर पहली बार प.पू. आचार्य युवा हृदय सम्राट विश्वरत्न सागर म.सा. एवं शहर में विराजित साधु, साध्वी, भगवंतों के सानिध्य में वाराही (गुजरात) से पहली बार लाई गई शांतिनाथ भगवान की आकर्षक और दिव्य प्रतिमा की महापूजा का अनूठा आयोजन हुआ, जिसमें 50 क्विंटल फलों, 50 किलो फूलों, हजारों दीपों और रंगोली से परमात्मा का दरबार सजाया गया। हजारों समाजबंधुओं ने इस नयनाभिराम श्रृंगार को निहारा और भगवान की भक्ति का पुण्यलाभ भी उठाया।
दलालबाग स्थित नवरत्न वाटिका पर द्विशतावधानी मुनिराज उदयरत्न सागर को गणि पद प्रदान करने के लिए गत 12 नवंबर से महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन वाराही मंडन शांतिनाथ भगवान की दिव्य, स्वयंभू और चमत्कारिक प्रतिमा की साक्षी में हो रहा है। सुबह 54 हजार फलों से उनका मनोहारी दरबार श्रृंगारित कर 108 दीपों से महाआरती और महापूजा का आयोजन सौल्लास संपन्न हुआ जिसमें हजारों समाजबंधु शामिल हुए। संध्या को भी भव्य दरबार सजाया गया। आयोजन समिति की ओर से संयोजक पुण्यपाल सुराना, कैलाश नाहर, ललित सी. जैन, मनीष सुराना, दिलसुखराज कटारिया, प्रीतेश ओस्तवाल, अंकित मारु, दिलीप मंडोवरा एवं दीपक सुराना ने सभी साधु-साध्वी-भगवंतों की अगवानी की। प.पू. विश्वरत्न सागर म.सा. एवं गणिवर्य, कीर्ति रत्न सागर एवं मुनि प्रवर उत्तम रत्न सागर म. सा. ने भी इस अवसर पर साधु जीवन की महत्ता पर प्रकाश डाला और अपने जीवन को संवारने के अनेक आशीर्वचन प्रदान किए। मुनिराज उदयरत्न सागर म.सा. को रविवार 16 नवंबर को एक गरिमामय और प्रभावी समारोह में हर्षोल्लास के बीच गणिवर्य पद से अलंकृत किया जाएगा। इस दौरान 15 और 16 नवंबर को विभिन्न शास्त्रोक्त प्रक्रियाएं भी संपन्न होंगी।
सोने में सुहागा की तर्ज पर इस दौरान मुमुक्षु सुरेश कोठारी एवं मुमुक्षु कुणाल कमठोरा भी संसारी जीवन छोड़कर सन्यास की राह पर अग्रसर होने जा रहे हैं। गुरुवार को सुबह आचार्य श्री की निश्रा में नाकोडा पार्श्व भैरव मान्त्रिक हवन अनुष्ठान के साथ इस मंगलमय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्रीमती मनोरमा बम्बोरी, सचिन-प्रिया, अलोक-रीना एवं श्रीमती सोहन देवी राजमल कुदार इस आयोजन के मुख्य लाभार्थी रहे और शेखर गेलड़ा परिवार 56 भोग के लाभार्थी बने। गुरुवार को ही संयम उपकरण पर स्वास्तिक आरोहण विधि भी संपन्न हुई तथा महिला मंडलों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सामूहिक सांझी के आयोजन भी हुए। शुक्रवार को सुबह शक्रस्वत महाभिषेक, परमात्मा की महापूजा एवं अन्य अनुष्ठान भी संपन्न हुए। दीक्षा का मुख्य महोत्सव रविवार 16 नवंबर को प्रातः 9 बजे से दलाल बाग में प्रारंभ होगा जिसके लाभार्थी पंकज-समता कटकानी तथा महोत्सव के मुख्य लाभार्थी दिलीप- ललित सी. जैन परिवार रमेशचंद्र-सुमनलता ओस्तवाल एवं प्रीतेश-अनिता ओस्तवाल परिवार मनोनीत किए गए हैं।
आज सुबह कालानी नगर से वरघोडा – दीक्षार्थी कुणाल कमठोरा का वरघोडा कालानी नगर उपाश्रय से शनिवार को सुबह 9 बजे वर्षी दान रथयात्रा के रूप में अनेक आकर्षणों से सुशोभित होकर निकलेगा जो नवरत्न वाटिका दलाल बाग पहुचेगा। दीक्षा महोत्सव प्रातः 11.30 बजे प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजे स्वामी वात्सल्य तथा सायं 7 बजे पदमहिमा वर्णन एवं बिदाई समारोह होगा। कुणाल पिछले दो वर्षों से प.पू. साध्वी वर्या सौम्य यशा श्रीजी म.सा. की निश्रा में परमात्मा की भक्ति करते हुए अब तक एक हजार किलोमीटर विहार कर चुके हैं और अनेक तीर्थों की यात्राएं भी उन्होंने की है। वे मूलतः भानपुरा के कमठोरा परिवार के हैं तथा अब तक 6 अट्ठम, 2 वर्ष से नियमित एकासना एवं वर्धमान तप की 15 ओली की साधना कर चुके हैं। महोत्सव के लिए सूरत, मुंबई, शिवगंज और पाली (राजस्थान) सहित देशभर के अनेक परिवार इंदौर आएँगे।
