सिकंदराबाद के 21 वर्षीय युवा कौशिक कुमार के दीक्षा महोत्सव शुभारंभ पर निकला आचार्यों का मंगल प्रवेश जुलूस

इंदौर, । परमात्मा ने मनुष्य जीवन देकर हमें बहुत कुछ दिया है, लेकिन यदि संयम, साधना और सत्य रुपी रजोहरण हमारे पास नहीं है तो समझ लेना कि हम हारने वाले हैं। सड़कों पर लगे होर्डिंग्स पर लिखा होता है– “नजर हटी-दुर्घटना घटी”। हमारे जीवन में भी यही सूत्र लागू होता है कि यदि धर्म, संस्कृति और साधना-संयम के मार्ग से हमारी नजर हट गई तो दुर्घटना को टालना संभव नहीं होगा। गाड़ी, बंगला, धन, वैभव और भौतिक संसार की चकाचौंध की ओर नजर रहेगी तो जीवन भटक जाएगा। दीक्षा का मार्ग ही हमें मोक्ष की शीर्ष मंजिल तक पहुंचाएगा।
ये दिव्य और प्रेरक विचार हैं आचार्य देव प.पू. विजय जिनसुंदर सूरीश्वर म.सा. के जो उन्होंने रेसकोर्स रोड उपाश्रय पर 5 दिवसीय दीक्षा महोत्सव के पहले दिन धर्मसभा में आशीर्वचन के दौरान व्यक्त किए। इसके पूर्व सुबह कंचन बाग स्थित बीसीएम प्राइड से आचार्य प.पू. विजय पद्मभूषणरत्न सूरीश्वर म.सा., आचार्य देव प.पू. विजय जिनसुंदर सूरीश्वर म.सा., आचार्य विजय धर्मबोधि सूरीश्वर म.सा. सहित साधु-साध्वी-भगवंतो का मंगल प्रवेश सामैया बैंड-बाजों सहित निकाला गया जिसमें सिकंदराबाद से आए मुमुक्षु आर्किटेक्ट कौशिक कुमार खांटेड, उनके परिजनों सहित स्थानीय जैन श्रीसंघों की ओर से वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. प्रकाश बांगानी, यशवंत जैन, कीर्ति भाई डोसी, निमेश भाई शाह, समर्पण ग्रुप एवं युग प्रधान परिवार महा महोत्सव समिति के विनोद जैन, रितेश जारोली, सोमिल कोठारी, डॉ. हसमुख गाँधी, मनीष शाह, विकास जैन, देवेन्द्र झवेरी, विपिन सोनी एवं विजय ओसवाल सहित शहर के प्रमुख श्रीसंघों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। मुमुक्षु कौशिक कुमार एक सुसज्जित बग्घी में सूट-बूट एवं गहनें पहनकर सवार थे। मुमुक्षु की मातुश्री पुष्पाबाई सुकनराज खांटेड सिकंदराबाद ने समाज बंधुओं के साथ साधु-साध्वी-भगवंतों की अगवानी की।
आगामी कार्यक्रम – पांच दिवसीय दीक्षा महोत्सव में दूसरे दिन 20 नवंबर को सुबह 9 बजे रेसकोर्स रोड उपाश्रय पर शांतिधारा महाभिषेक पूजन होगा। शुक्रवार 21 नवंबर को सुबह 7.30 बजे नवकार परिवार के तत्वावधान में वृहद समूह सामायिक एवं दोपहर 2.30 बजे से श्वेताम्बर जैन महिलाओं की महाचौबीसी (सांझी) के बाद शाम 7.30 बजे मुमुक्षु कौशिक कुमार की रजवाड़ी शोभायात्रा निकाली जाएगी। शनिवार 22 नवंबर को सुबह नवकारसी के बाद 8.30 बजे भव्य वर्षी दान वरघोडा यात्रा रेसकोर्स रोड उपाश्रय से बास्केटबाल स्टेडियम तक निकाली जाएगी। वरघोडा के बाद सुबह 10 बजे से धर्मसभा एवं दीक्षा के मुख्य चढ़ावे बास्केटबाल स्टेडियम पर होंगे। दोपहर 4 बजे मुमुक्षु का संसारी वेश में अंतिम भोजन होगा। शाम 7.30 बजे संसार से संयम मार्ग पर अंतिम बिदाई होगी। रविवार 23 नवंबर को सुबह 7 बजे से महामंगलकारी दीक्षा विधि प्रारंभ होगी जिसमें सभी आचार्यों एवं 50 से अधिक साधु-साध्वी-भगवंतों की पावन निश्रा रहेगी। महोत्सव में देशभर के समाजबंधु आएँगे। इनके आगमन का सिलसिला आज से शुरू हो गया है।
