पुरस्कार की राशि इंदौर में प्रस्तावित मुद्रा संग्रहालय को दान देने की घोषणा

इंदौर,। राष्ट्रीय मुद्रा परिषद के संयोजक एवं लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष गिरीश शर्मा “आदित्य” को मुंबई की संस्था “ख्याल–50“ ने उनके मुद्रा संग्रह को शानदार घोषित करते हुए उन्हें न्यूमिसमेटिस्ट ऑफ़ द ईयर घोषित किया है। आदित्य को संस्था की ओर से एक लाख रुपए का पुरस्कार भी घोषित किया गया है, जो उन्हें संस्था के प्रतिनिधि एवं म.प्र. के प्रभारी पीयूष कुमार ने आज इंदौर आकर उनके एबी रोड, शहनाई रेसीडेंसी स्थित निवास पर प्रशस्ति पत्र एवं मंजूषा सहित प्रदान किया।
राष्ट्रीय मुद्रा परिषद एवं फिलेटेलिक सोसाइटी के प्रमुख रविन्द्र नारायण पहलवान ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई की संस्था ख्याल-50 ने देशव्यापी शोध एवं ऑनलाइन चयन प्रक्रिया के माध्यम से आदित्य का चयन किया। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए मतदान भी कराया गया था। देशव्यापी नतीजों के आधार पर मुद्रा संग्राहक के रूप में उनके संग्रह को शानदार घोषित करते हुए संस्था ने मंगलवार को उन्हें एक लाख रुपए पुरस्कार देने की भी घोषणा की। संस्था के प्रतिनिधि पीयूष कुमार ने आज इंदौर पहुंचकर उन्हें पुरस्कार की राशि और मंजूषा भेंट किए, लेकिन आदित्य ने पुरस्कार की राशि इंदौर में मुद्रा शोध न्यास को मुद्रा संग्रहालय की स्थापना के लिए समर्पित करने का संकप व्यक्त किया और ख्याल-50 संस्था की ओर से यह राशि सीधे मुद्रा शोध न्यास के बैंक खाते में जमा कराने का अनुरोध किया है। गिरीश शर्मा ने अपने अनमोल सिक्कों के संग्रह को मुद्रा संग्रहालय के लिए पहले ही दान देने की घोषणा की हुई है।
पहलवान ने बताया कि शर्मा के इस निर्णय की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कार मिलने पर देश के वरिष्ठ मुद्रा विद्वान डॉ. प्रशांत कुलकर्णी, इंटेक के चेयरमैन अशोक सिंह ठाकुर, डॉ. दिलीप राजगौर, किशोर झुनझुनवाला, डॉ. देवेन्द्र हाडा, गिरीश वीरा, गोगा जैन, राजू भट्ट, दाऊलाल जौहरी, नीलकमल माहेश्वरी, मेजर डॉ. गुप्ता, राजेश पारीक, विराज भार्गव एवं आलोक खादीवाला सहित अनेक स्नेहीजनों के साथ लोकतंत्र सेनानियों ने भी बधाई दी है। राष्ट्रीय मुद्रा परिषद, न्यूमिसमेटिस्ट सोसाइटी, फिलेटेलिक सोसाइटी, इतिहास संकलन समिति सहित अन्य संस्थाओं ने भी उन्हें मिले इस सम्मान को समूचे इंदौर के मुद्रा संग्राहकों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। इसके पूर्व मुद्रा संग्रह के क्षेत्र में देश में किसी भी संग्राहक को एक लाख रुपए का पुरस्कार नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि गिरीश शर्मा पूर्व में अपने मुद्रा संग्रह को ब्रिटिश म्यूजियम लंदन, ऑक्सफ़ोर्ड, हांगकांग, पीट्सबर्ग सहित देश-विदेश के अनेक स्थानों पर प्रदर्शित कर चुके हैं। उन्हें अब तक मुद्रा संग्रह के लिए 31 सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वे मुद्रा संग्रह पर अपनी एक पुस्तक भी लिख चुके हैं। अब एक लाख रुपए का पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे देश के पहले मुद्रा सग्राहक बन गए हैं।
