रॉयल आर्ट्स एंड नई मिस्मेटिक गैलेरी की ओर से संसद मार्ग स्थित कांस्टिट्यूशन क्लब में हुआ सम्मान

इंदौर नई दिल्ली में संसद मार्ग स्थित कांस्टिट्यूशन क्लब पर आयोजित 17वें रंग फेयर-2026 में राष्ट्रीय मुद्रा परिषद के संयोजक और शहर के वरिष्ठ मुद्रा शास्त्री गिरीश शर्मा आदित्य को संस्था रॉयल आर्ट्स एंड न्यू मिस्मेटिक गैलेरी नई दिल्ली की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से अलंकृत किया गया। इंटेक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर, दिलीप बेलस्कार, संस्था के प्रमुख संयोजक मुकेश वर्मा एवं शिवम वर्मा ने आदित्य को करतल ध्वनि के बीच 39वां जीवन गौरव सम्मान प्रदान किया।
संस्था रॉयल आर्ट्स एंड न्यू मिस्मेटिक गेलेरी के इस आयोजन में गिरीश शर्मा के अब तक के योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया जिसमें उनके द्वारा पिछले 55 वर्षों में डेढ़ लाख से अधिक प्राचीन सिक्कों के संग्रहण, टेराकोटा, खनिज और कलाकृतियों के संग्रह तथा ब्रिटिश म्यूजियम लंदन और ऑक्सफ़ोर्ड में व्याख्यान सहित अब तक मिले 38 जीवन गौरव अवार्ड एवं मुद्रा रत्न जैसे सम्मानों का उल्लेख करते हुए जब उन्हें वरिष्ठ मुद्रा शास्त्री डॉ. प्रशांत कुलकर्णी के साथ मंच पर आमंत्रित किया गया तो लम्बे समय तक सभागृह तालियों की गडगडाहट से गूंजता रहा। इस मौके पर गिरीश शर्मा ने भारतीय मुद्रा, डाक टिकिट और अन्य संग्रह पर प्रोजेक्टर की मदद से अनेक दुर्लभ सिक्कों को प्रदर्शित करते हुए अपना व्याख्यान भी दिया।
उन्होंने कहा कि जब आज से 56 वर्ष पहले मैंने शौकिया तौर पर सिक्कों का संग्रह शुरू किया था तब सोचा नहीं था कि यह शौक मुझे दुनिया के कोने-कोने में सम्मान और ख्याति दिलाने वाला साबित होगा। मेरे संग्रह का रास्ता बहुत कठिन रहा लेकिन एक जिद थी और रहेगी कि भारतीय सिक्कों और मुद्राओं के इस संग्रह से मैं अपनी नई पीढ़ी को देश के इतिहास के स्वर्णिम अध्याय और गौरवशाली भारतीय संस्कृति से अवगत कराने का विनम्र प्रयास कर रहा हूँ। मुद्रा जगत के अवांछनीय तत्वों और अनैतिक व्यापार करने वालों के खिलाफ इस दौरान अनेक लड़ाइयाँ भी लड़ी और आगे भी लड़ता रहूँगा। मुझे फख्र है कि मैंने अनेक युवाओं को प्रशिक्षित किया, पुस्तकें और लेख भी लिखे और दुनिया के कुछ देशों में पहुंचकर अपने दुर्लभ संग्रह का प्रदर्शन भी किया। अब तो यही लक्ष्य है कि इंदौर में एक मुद्रा संग्रहालय की स्थापना हो और उसमें मैं अपना सम्पूर्ण संग्रह समर्पित करने को तैयार हूँ, जरूरत केवल आप सबके सहयोग की है। इस दिशा में बहुत कुछ खाका तैयार हो चुका है। उपयुक्त स्थान मिलते ही इंदौर में मुद्रा संग्रहालय की स्थापना का स्वप्न अवश्य साकार होगा।
