बेरछा-कैलोद में पूजन से गंभीर नदी पुनर्जीवन की शुरुआत, कुओं-तालाबों की सफाई से जल चक्र होगा संतुलित

महू। महू विधानसभा के ग्राम बेरछा-कैलोद में शनिवार को गंभीर नदी जीर्णोद्धार अभियान का शुभारंभ हुआ। क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने वैदिक विधि से पूजन और सामूहिक आरती कर नदी पुनर्जीवन का संकल्प लिया। सुश्री ठाकुर ने कहा कि महू क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को भगीरथ बनकर गंभीर नदी के पुनर्जीवन के लिए जनआंदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने समाज, एनजीओ, ट्रस्ट, खिलाड़ियों और स्कूल-कॉलेजों से श्रमदान का आह्वान किया। उषा ठाकुर बोलीं कि जब तक नदी में गंदा पानी, कचरा और प्लास्टिक डालना बंद नहीं होगा, तब तक नदी साफ नहीं हो सकेगी।तीन वर्षीय कार्ययोजना से होगा पुनर्जीवनजनपद सीईओ गिरिराज दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप गंभीर नदी के लिए तीन वर्षीय विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। पहले चरण में नाला ट्रेंचिंग, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के कार्य होंगे। सीईओ ने कहा कि जानापाव से सात नदियों का उद्गम होता है। महू मालवा की नदियों का मायका है।पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार जरूरीविधायक उषा ठाकुर ने जल संचय अभियान पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई के साथ पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार जरूरी है। कुओं, तालाबों और पोखरों की उड़ाही और सफाई करना आवश्यक है, क्योंकि ये जल चक्र को संतुलित रखते हैं और धरती माता को पानी पिलाते हैं।कार्यक्रम में एसडीएम राकेश परमार, सीईओ गिरिराज दुबे, जनपद अध्यक्ष सरदार मालवीय सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। स्लोगन दिया गया ‘गंभीर बचेगी, भविष्य सजेगा’।
