
जल गंगा संवर्धन अभियान
इंदौर जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया गंगा दशहरा पर्व, जगह-जगह जल संरक्षण और संवर्धन संबंधी हुए कार्यक्रम
बरलाई जागीर में गंगा दशहरा पर हुआ भजन संध्या का आयोजन, सैकडों लोगों ने किया दीपदान
इंदौर
राज्य शासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशानुसार इंदौर जिले में गंगा दशमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। जिले के चारों विकासखण्डों में जल संरक्षण और संवर्धन संबंधी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के सांवेर तहसील में बरलई जागीर में गंगा दशहरा का भव्य कार्यक्रम मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मां अहिल्याबाई ने 300 वर्ष पूर्व जल, जमीन, जंगल और जीवन बचाने के लिए तालाब, कुएं, बावडी, कुण्ड के साथ ही मंदिरों का निर्माण कराया। आज वह मंदिर और कुएं बावडी ऐतिहासिक धरोहर बन गए है। इस अहिल्याकुण्ड को देखकर सोच रहा हूँ कि यहाँ पर्यटक लोग आए और इसे देखे। इससे यहाँ के लोगों को रोजगार मिलेगा और इस क्षेत्र का विकास होगा।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गंगा दशहरा पर्व के माध्यम से जल गंगा संवर्धन अभियान के अन्तर्गत तालाब, कुएं, बावडी और कुण्ड को संरक्षण कर उसका उपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है। हम प्रकृति को सहेजने का कार्य करेंगे, तो प्रकृति हमें जल, वायु और वनस्पति और जीवन देगी। इसी प्रकार हम प्रकृति को संवारने का काम करेंगे तो प्रकृति हमें जल के साथ जीवन देगी। हम सब प्रकृति का किसी न किसी रूप में अपनी जरूरतों के हिसाब से उपयोग करते है, लेकिन बदले में प्रकृति को कुछ देना भूल जाते है। जल गंगा संवर्धन के माध्यम से हम प्राकृतिक स्रोतों को सहेज के रख सकते है। जल गंगा संवर्धन का मुख्य उद्देश्य ही अपने आसपास के जल स्रोतों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार करना है, ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन सके और उन्हें भी प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रेरणा मिल सके।
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया गया। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकनृत्य, गीत एवं नाट्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में अहिल्या कालीन बावड़ी के इतिहास के लेख का लोकार्पण किया गया। ग्रामीणों ने अहिल्या कुंड के इतिहास को सभी को सुनाया । गंगा आरती और दीप दान भी किया गया । इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी नागरिकों से जल बचाने एवं नदियों के संरक्षण में सहभागी बनने का आह्वान किया और जल संरक्षण की प्रतिज्ञा ग्रामीणों को दिलाई ।
जिला पंचायत सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को जल संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती कुसुम मांडलोई ने अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री सिद्धार्थ जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्रीमती कुसुम मंडलोई, नायब तहसीलदार शिप्रा टप्पा श्री विकास रघुवंशी, मंडल अध्यक्ष श्री रवि वाजपेई, जिला पंचायत सदस्य श्री माखन पटेल, सरपंच श्री सुदीप उपाध्याय सहित सैकडों ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
