
प्रशासन की मुश्तैदी से समय रहते की गई कार्रवाई
144 बल्क लीटर मदिरा सहित भारी मात्रा में फर्जी लेबल, होलोग्राम एवं निर्माण सामग्री जब्त
इंदौर,
जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग द्वारा मुश्तैदी से समय रहते की गई सुनियोजित कार्रवाई में इंदौर के तुलसीनगर क्षेत्र में संचालित एक अवैध मदिरा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया गया है। इस अवैध गतिविधि पर समय रहते अंकुश लगाए जाने से संभावित अप्रिय घटनाओं तथा जनस्वास्थ्य एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर जोखिमों को टालने में सफलता मिली है।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार तथा सहायक आबकारी आयुक्त श्री अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में अवैध मदिरा के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत आबकारी विभाग ने यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की। कंट्रोलर श्री देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर श्री मनोज अग्रवाल, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री जहांगीर खान एवं श्री सी.के. साहू के नेतृत्व में गठित टीमों ने लगभग तीन दिनों तक सिविल ड्रेस में गोपनीय निगरानी और रेकी कर संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की। इसके पश्चात योजनाबद्ध ढंग से की गई दबिश में तीन मंजिला भवन के भीतर संचालित अवैध मदिरा निर्माण एवं पैकेजिंग इकाई का खुलासा हुआ।
कार्रवाई के दौरान 144 बल्क लीटर (16 पेटी) मदिरा के साथ भारी मात्रा में स्प्रिट, कैरेमल, पैकेजिंग सामग्री, हजारों की संख्या में डुप्लीकेट लेबल एवं होलोग्राम, विभिन्न ब्रांडों के बाटल कैप, कागजी कार्टून, दो बड़ी ब्लेंडर मशीनें तथा मदिरा निर्माण एवं पैकिंग में प्रयुक्त अन्य उपकरण जब्त किए गए। बरामद सामग्री से यह स्पष्ट हुआ है कि अवैध रूप से मदिरा निर्माण कर उसे वैध उत्पाद के रूप में बाजार में खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
प्राथमिक जांच में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में विक्रय होने वाली मदिरा के लेबलों के साथ राजस्थान में प्रचलित विभिन्न ब्रांडों के लेबल, होलोग्राम एवं पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई है। इससे एक संगठित अंतरराज्यीय अवैध मदिरा निर्माण एवं तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, निर्माण तंत्र, वितरण श्रृंखला तथा इससे जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही हैं।
आबकारी विभाग ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है। साथ ही जब्त मदिरा एवं अन्य सामग्री की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्मित मदिरा नकली अथवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो नहीं थी। अंग्रेजी मदिरा से संबंधित पैकेजिंग सामग्री मिलने के बाद जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया है।
आबकारी विभाग के अनुसार तुलसीनगर जैसे विकसित एवं आवासीय क्षेत्र में इस प्रकार की अवैध मदिरा निर्माण इकाई का संचालन होना अत्यंत गंभीर विषय है। यदि समय रहते इस गतिविधि का खुलासा नहीं होता, तो बड़ी मात्रा में अवैध एवं संभावित रूप से हानिकारक मदिरा बाजार में पहुंच सकती थी, जिससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। विभाग ने इसे संगठित अपराध की सुनियोजित कार्यप्रणाली का संकेत मानते हुए व्यापक स्तर पर जांच प्रारंभ कर दी है।
इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती निधि शर्मा एवं सुश्री आकांक्षा गर्ग, उप निरीक्षक श्रीमती जया मुजाल्दे एवं श्री सुनील मालवीय सहित आबकारी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सहायक आबकारी आयुक्त श्री अभिषेक तिवारी ने आमजन से अपील की है कि अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन अथवा विक्रय संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी तत्काल विभाग को उपलब्ध कराएं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही अवैध मदिरा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है तथा ऐसे संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।
जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी निरंतर और सख्ती से जारी रहेगा।
