महालक्ष्मी नगर एमआर-4 में आजादी का महोत्सव बना एकता, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक

इंदौर। जब देश “आजादी का अमृत महोत्सव” मना रहा है, तब इंदौर के महालक्ष्मी नगर युवक मंडल एवं टीम अनुराग प्रताप सिंह राघव ने एक मिसाल कायम की है। पिछले एक दशक से लगातार यह कॉलोनी राष्ट्रीय पर्व को सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में मनाती आ रही है। यहां 15 अगस्त सिर्फ झंडा फहराने तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले को एक परिवार में बदल देता है।संघ के अध्यक्ष डॉ. संतोष सिंह ठाकुर, राहुल बना और दरबार सिंह ने बताया कि रहवासियों के साथ शुरू हुआ यह आयोजन आज इंदौर के सबसे अनुशासित, भव्य और प्रेरणादायक स्वतंत्रता दिवस समारोहों में गिना जाता है।
एक दशक की यात्रा: छोटे संकल्प से बड़ा आंदोलन
2014 में जब पहली बार कुछ युवाओं ने “हम अपने घर के सामने भी तिरंगा फहराएं” का संकल्प लिया, तो आज वह विराट रूप ले चुका है। डॉ. संतोष सिंह ठाकुर बताते हैं, “हमारा उद्देश्य सिर्फ जश्न नहीं था। हम चाहते थे कि नई पीढ़ी को आजादी की कीमत, शहीदों का बलिदान और तिरंगे का सम्मान घर-घर तक पहुंचे।” अब हर साल सैकड़ों परिवार, बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं 3 दिन पहले से ही तैयारियों में जुट जाते हैं।
तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण
15 अगस्त का सबसे भव्य दिन रहा। बैंड-बाजों के साथ विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में लंबा तिरंगा*, सिर पर भगवा-केसरिया पगड़ियां, और “भारत माता की जय” के नारे गूंजे। यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता पालकी में विराजित भारत माता रहीं, जिन्हें कंधों पर लेकर रहवासी चले।
यात्रा गायत्री विला महालक्ष्मी नगर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा पर संपन्न हुई। वहां महापुरुषों को नमन कर “राष्ट्र प्रथम” का संकल्प लिया गया।
यात्रा में प्रमुख रूप से श्री अनुराग प्रताप सिंह राघव, करणी सेना प्रमुख, राजपूत समाज संरक्षक भाजपा नेता मोहन सेंगर महिला संभाग अध्यक्ष नम्रता सिंह,कमल सिंह जादौन, अमित सिंह जादौन ,राहुल सिंह पवार, राजेंद्र सिंह सिसोदिया, पूर्व पार्षद संजय कटारिया महेश जोशी, गजेंद्र सिंह चौहान, , *राहुल बना और नरेंद्र सिंह ठाकुर हरेंद्र सिंह चौहान गणेश सिंह चौहान गोपाल सिंह पवार मनजीत सिंह करतीराज प्रमुख रूप से करणी सेना प्रमुख अनुराग प्रताप सिंह राघव प्रदेश संरक्षक कमल सिंह जादौन शहर अध्यक्ष अमित सिंह जादौन जिला अध्यक्ष राहुल सिंह पवार प्रदेश संगठन मंत्री दिग्विजय सिंह सोलंकी संभागीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा शहर प्रभारी गजेंद्र सिंह चौहान नगर संयोजक राजेंद्र सिंह सिसोदिया नगर मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर हरेंद्र सिंह चौहान गणेश सिंह चौहान गोपाल सिंह ठाकुर डॉ अंजनी सिंह चौहान जी नरेंद्र सिंह ठाकुर शैलेंद्र सिंह ठाकुर विक्रम सिंह तोमर शैलेंद्र सिंह ठाकुर योग गुरु रमेश पाटिल ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अमित त्रिवेदी शैलेंद्र निगम मनीष मालपानी कैलाश मकवाना नारायण पगारे राजकुमार झावेरी राजेंद्र श्रीमाली किशोर गुलाबचंद श्रीमालानी मनीष पारीक विश्वास द्विवेदी गौरव डाबर निर्भय सिंह यदुवंशी दरबार सिंह परमार छत्रसाल मंडल के अध्यक्ष रामबाबू यादव ऋषि सिंघाई नारायण मीणा सुनील सोनी पूर्व पार्षद संजय कटारिया अमित सचिन जैन अमित जैन राजू अग्रवाल देवचंद मालाकार उमेश बगदरी जेपी शर्मा राकेश जयसवाल अमोल पाटिल अरुण कुमार करहे जी मुकेश वर्मा आशुतोष शर्मा चेतन व्यास हेमंत जैन रितेश व्यास पलाश वैद्य लाल बाबू सिंह हेमंत वर्मा अनिल देवड़ा अरविंद सिंह रघुवंशी विषम कटारिया राजेश जसवानी विनोद साहू देव पंचोली राजेश पंचोली नायर तिवारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रभक्ति के साथ सामाजिक सरोकार
महालक्ष्मी नगर एमआर-4 का यह आयोजन सिर्फ जश्न नहीं, सेवा भी है। पिछले 10 सालों में यहां हर वर्ष रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और जरूरतमंद बच्चों को स्कूल सामग्री वितरण किया जाता है।
डॉ. संतोष सिंह ठाकुर कहते हैं, “अगर आजाद भारत में हम सक्षम हैं, तो किसी की मदद करना भी हमारा कर्तव्य है।”
महिलाओं और युवाओं की अहम भूमिका
इस महोत्सव की जान महिलाएं और युवा हैं। महिलाएं सजावट से लेकर व्यवस्थाओं तक में आगे रहती हैं। युवा कमेटी सुरक्षा और अनुशासन संभालती है। छात्रा रिद्धि सिंह कहती हैं, “मैं 6 साल की थी जब पहली बार तिरंगा यात्रा में गई थी। तब से हर साल इंतजार रहता है। यहां सीखा कि देश पहले है।”
एकता का संदेश: धर्म-जाति से ऊपर राष्ट्र
एमआर-4 में हर धर्म और वर्ग के लोग रहते हैं। लेकिन इन तीन दिनों में सब एक ही रंग में रंग जाते हैं – तिरंगे के रंग में। डॉ. ठाकुर गर्व से कहते हैं, “यहां कोई बड़ा-छोटा नहीं। सब भारतीय हैं। यही हमारे आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है।”
छोटी पहल, बड़ा असर
महालक्ष्मी नगर एमआर-4 रहवासी संघ ने साबित कर दिया कि देशभक्ति के लिए बड़े मंच जरूरी नहीं। एकजुट इच्छाशक्ति से मोहल्ला स्तर पर भी राष्ट्र निर्माण हो सकता है। आज जब देश “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की बात करता है, तब एमआर-4 जैसे आयोजन उस सपने को जमीनी हकीकत बनाते हैं।
