अग्रवाल नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हुई पुष्प वर्षा–आज शाम भगवान जगन्नाथ धाम के दर्शन होंगे

इंदौर
नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर से रविवार सुबह मनकामेश्वर महादेव की भव्य शाही सवारी बैंड-बाजों की धुन पर थिरकते भक्तों और भूत, प्रेत, पिशाच, चुड़ैल के स्वरूप में उछलते-कूदते भक्तों सहित निकाली गई। एक सुसज्जित पालकी में विराजित भगवान मनकामेश्वर भोलेनाथ के दर्शन और पूजन के लिए पूरे मार्ग में अनेक स्थानों पर पुष्प वर्षा कर पालकी का पूजन भी किया गया और भक्तों के लिए स्वल्पाहार, फलाहार, शीतलपेय आदि की व्यवस्था भी की गई।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु बिंदल, टीकमचंद गर्ग एवं संयोजक बी.के. गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस शाही सवारी में शामिल हुए। विधायक गोलू शुक्ला के आतिथ्य में मंदिर पर पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई यात्रा परंपरागत वाद्य यंत्रों की सुर और स्वर लहरियों को बिखेरते हुए अग्रसेन प्रतिमा, अग्रवाल नगर, जानकी नगर, मनीष बाग, नवलखा काम्प्लेक्स होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। सैकड़ों भक्तों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर नाचते-गाते हुए सवारी और मनकामेश्वर महादेव का स्वागत किया। मंदिर पहुंचने पर हुई आरती में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय एवं मंदिर से जुड़े भक्तों ने भागीदारी दर्ज कराई। भजन गायक हरिकिशन साबू भोपूंजी और उनकी टीम ने पूरे यात्रा मार्ग में अपने भजनों से भक्तिभाव का ऐसा रस बरसाया कि हर कोई थिरक उठा। तोप से फूलों की वर्षा और उज्जैन के महाकालेश्वर से जुड़े भक्तों का रथ भी इस यात्रा में आकर्षण के केन्द्र बने रहे। सवारी को यह यात्रा तय करने में चार घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान बड़ी संख्या में शामिल महिलाएं और अन्य श्रद्धालु भी स्वयं को नाचने-गाने से नहीं रोक सके। मंदिर के भक्तों की ओर से सुभाष बजरंग, पार्षद मृदुल अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, परमानंद वालेचा, विजय लाला, वरूण हरि मंगल, मनीष गर्ग, सुशील प्रजापत, हेमंत सेठानी एवं अनेक गणमान्य भक्तों ने पूरे मार्ग में व्यवस्थाएं संभाली। भक्त मंडल के संदीप गोयल ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को मंदिर पर शाम 6 बजे से कोलकाता के 21 कलाकारों द्वारा बनाई गई भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की प्रतिकृति का निर्माण किया गया, जिनके दर्शन सोमवार की शाम को होंगे। कोलकाता से आए कलाकार पिछले दस दिनों से रात-दिन मेहनत कर इस अदभुत झांकी का निर्माण कर रहे हैं। जगन्नाथ धाम में कलाकारों ने करीब 5 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनाई है। मंदिर पर भक्तों के लिए दर्शन की अलग-अलग कतारें महिला-पुरुषों के लिए रहेंगी। मंदिर पर प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रखी गई है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए भी 21 कार्यकर्ता अपनी सेवाएं देंगे।
