दलाल बाग पर चल रहे चातुर्मास में राष्ट्रसंत प.पू सुधासागर म.सा. के पावन सानिध्य में शहर के जैन समाज के इतिहास में बनेगा नया कीर्तिमान

इंदौर वीआई पी रोड दलाल बाग पर तीर्थ चक्रवर्ती प. पू. राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज की पावन निश्रा में जैन समाज के इतिहास में पहली बार एक नया और यशस्वी कीर्तिमान रचने जा रहा है, जब आगामी 16 से 25 सितंबर तक यहाँ श्रावक संस्कार शिविर का विराट आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश के 10 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होकर अपना गृहस्थ जीवन त्यागकर मोबाइल एवं गाड़ी-बंगले सहित वैभव से दूरी बनाकर मुनियों की दिनचर्या आत्मसात करेंगे। इन सभी साधकों को शहर के करीब 15 हजार परिवारों का आतिथ्य भी प्राप्त होगा जहाँ वे मुनियों की सादगीपूर्ण वेशभूषा में पहुंचकर भोजन एवं आतिथ्य स्वीकार करेंगे। शहर में यह अपने किस्म का पहला श्रावक संस्कार शिविर हो रहा है जिसकी व्यापक तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुँच गई है। इनमें अनेक श्रद्धालु विदेशों से भी आ रहे हैं।
मोबाइल, गाड़ी-बंगले और भौतिक सुख, साधनों से दूरी, अनुशासन और संयम का जीवन – शिविर के प्रमुख पुण्यार्जक चक्रवर्ती आकाश-आलोक जैन कोयला एवं चातुर्मास के चक्रवर्ती मनीष-सपना गोधा, नवीन-शिवानी गोधा, आनंद-अंतिका गोधा एवं सकल दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति के महामंत्री हर्ष जैन ने बताया कि यह शिविर मात्र धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रावकों के जीवन में संस्कार, संयम, आत्मचिंतन और आत्मकल्याण की भावना जागृत करने वाला अनूठा आध्यात्मिक प्रयोग है। शिविर के 10 दिनों में शिविरार्थी बाहरी दुनिया की चकाचौंध से दूर रहकर राष्ट्रसंत के मार्गदर्शन में अनुशासित जीवन जिएंगे। शिविर परिसर में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में शिविरार्थी निर्धारित सादगीपूर्ण वेशभूषा में शिविर में ही रहकर संयम, तप, साधना, स्वाध्याय और धार्मिक आराधना करेंगे तथा पर्युषण महापर्व को पूर्ण आध्यात्मिक वातावरण में मनाएंगे। इस दौरान गाड़ी, बंगले और अन्य भौतिक सुख, साधनों से भी इनकी दूरी बनी रहेगी।
इंदौर में ‘अतिथि देवो भव’ की भावना – 10 हजार से अधिक शिविरार्थियों के आगमन को लेकर इंदौर के जैन समाज में अभूतपूर्व उत्साह और भक्ति का वातावरण है। शिविरार्थियों के लिए इंदौर के जैन परिवारों द्वारा आहार एवं आतिथ्य की व्यवस्था की जा रही है। समाज के परिवारों में इस बात को लेकर विशेष उत्साह है कि अधिक से अधिक शिविरार्थियों को अपने घर आमंत्रित कर पूर्ण सात्विकता, श्रद्धा और नवधा भक्ति के साथ आहार कराने का सौभाग्य प्राप्त हो। शहर के अनेक परिवार अतिथियों के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी समिति – राष्ट्रसंत प.पू. सुधासागर म.सा. के मार्गदर्शन में चातुर्मास एवं शिविर समिति द्वारा आवास, भोजन, यातायात, सुरक्षा, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हजारों श्रद्धालुओं के इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित बनाने के लिए विभिन्न समितियां दिन-रात सक्रिय हैं। इंदौर की पावन धरा 10 हजार से अधिक शिविरार्थियों की इस ‘लघु साधु सेना’ के स्वागत के लिए तैयार है। यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि इंदौर की धार्मिक चेतना, सामूहिक सहभागिता और अतिथि सत्कार की भावना का अद्भुत उदाहरण बनने जा रहा है।
