तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के दिए निर्देश

इंदौर
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जल संरक्षण और संरक्षण के कार्यों में तेजी लायी जाए। कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान रखा जाए। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून 2026 तक चलेगा जिसमें अन्तर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन किया जाना है। इसका उद्देश्य नदियों और तालाबों और पारम्परिक जल स्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार करना है। यह अभियान भूजल स्तर में सुधार, जल स्रोतों के शुद्धिकरण और हरित क्षेत्र निर्माण के लिए जन आन्दोलन-जनभागीदारी से होगा।
मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि सांवेर विधानसभा में लगभग साढे़ आठ करोड़ रुपये की लागत से कनाडिया, निपानिया, लसुडिया मोरी, भवरासला, बरदरी, रेवती, मायाखेडी, अरण्डिया और पिपलियाकुमार तालाबों में जल संवर्धन और संरक्षण के अन्तर्गत तालाबों की पाल निर्माण, पाथवे, पीचिंग, गहरीकरण और सौन्दर्गीकरण का कार्य किया जा रहा है जिसमें गति लाकर समय-सीमा में निर्माण कार्य कराये।
मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवजी के नेतृत्व में प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये की लागत से जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों को किये जाना है। समीक्षा के दौरान मंत्री श्री सिलावट ने सांवेर के लगभग 10 तालाबों का संवर्धन और संरक्षण करने के लिए ठोस योजना बनाकर बारिश के पूर्व शीघ्र निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री आशीष पाठक, जलकार्य प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा, पार्षद सुरेश कुलवाडे, राकेश सोलंकी, कार्यपालन यंत्री भास्कर बुंदेला, अश्विन जनवदे, झोनल आफिसर खुमेश्वरी, धीरेन्द्र बायस, आकाश जैन, संतोष धोलपुरे, अनिरूद इंजीनियर आदि मौजूद रहें।
