सुबह मंगला आरती के बाद दोपहर में हुई जन्म आरती, पालकी में विराजित राधाजी के दर्शनार्थ उमड़े सैकड़ों श्रद्धालु

इन्दौर मनोरमागंज स्थित गीता भवन में शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण की प्रियतमा राधा रानी का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसके साथ ही आज से तीन दिवसीय राधा प्राकट्य महोत्सव का शुभारंभ भी हुआ। शनिवार को सुबह 5 बजे मंगला आरती, दोपहर में जन्मोत्सव आरती के बाद भव्य पालकी यात्रा भी धूमधाम से निकाली गई। पालकी में सुसज्जित और सुश्रृंगारित लाडलीजी को विराजित किया गया था। सैकड़ों राधा और कृष्ण प्रेमियों ने उत्साह के साथ इस यात्रा में भाग लिया। संध्या को भोग आरती में राधाजी को 56 भोग समर्पित किए गए, वहीं शाम को भजन संकीर्तन की गूंज भी गीता भवन के महिला भक्त मंडल के सहयोग से बनी रही।
ट्रस्ट के अध्यक्ष राम ऐरन, मंत्री रामविलास राठी एवं मनोहर बाहेती ने बताया कि गीता भवन स्थित कृष्ण मंदिर पर ठीक 12 बजे राधाजी के प्राकट्य की आरती हुई, जिसमें न्यासी मंडल की ओर से प्रेमचंद गोयल, दिनेश मित्तल, टीकमचंद गर्ग, राजेश गर्ग केटी, पवन सिंघानिया, हरीश जाजू, संजीव कोहली सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के पश्चात गीता भवन परिसर से भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जो मनोरमागंज, कैलाश पार्क, मिश्र नगर, शांति नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण के पश्चात पुनः गीता भवन पहुंची। मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पालकी पर कहीं पुष्प वर्षा की तो कहीं भजनों पर नाचते-गाते हुए अपनी खुशियां व्यक्त की। पालकी में विराजित राधाजी के दर्शनों की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ पड़े। गीता भवन पर विश्राम आरती के बाद प्रसाद वितरण और महिला मंडल की ओर से संकीर्तन का दौर भी देर शाम तक चलता रहा।
तीन दिनी महोत्सव शुरू- गीता भवन ट्रस्ट मंडल की ओर से तीन दिवसीय राधा प्राकट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रविवार 20 सितम्बर को शाम 7 से 9 बजे तक विभिन्न भक्ति संगीत के कार्यक्रम तथा सोमवार, 21 सितम्बर को भी शाम 7 से 9 बजे तक संकीर्तन के आयोजन होंगे। तीनों दिन कृष्ण मन्दिर में राधाजी का नित्य नूतन श्रृंगार भी होगा। आम श्रद्धालुओं के लिए सभी कार्यक्रम खुले हैं।
