घर में सोना-चांदी नगद मिला, फिल्मों में भी किया निवेश
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस के द्वारा रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदोरिया के ८ ठिकानों पर आज एक साथ छापा मार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में प्रारंभिक जांच में ही करोड़ों रुपए की संपत्ति सामने आ गई है। अधिकारी के घर में सोना चांदी और नकदी का ढेर मिला है। सूत्र बताते हैं कि उक्त अधिकारी के बेटे द्वारा फिल्मों में भी निवेश किए जाने के तथ्य सामने आए हैं।
लोकायुक्त पुलिस के द्वारा गोपनीय शिकायत के आधार पर आज भदोरिया के आठ ठिकानों पर एक साथ छापा मार कार्रवाई की गई। इसमें से सात ठिकाने इंदौर में और एक ठिकाना ग्वालियर इन्द्रमणि नगर में है। इंदौर के ठिकानों पर छापा मारने के लिए लोकायुक्त पुलिस उज्जैन और इंदौर का दल लगाया गया। इस छापा मार करवाई में शुरूआत के १ घंटे में ही भदोरिया के घर से ७५ लाख रुपए नगद, डेढ़ किलो सोने का एक सिल्ली, १ किलो सोने के गहने और ४ किलो चांदी के जेवरात, रायफल, पिस्टल, महंगी वस्तुएं मिले हैं। इसके साथ ही उनके घर में महंगे परफ्यूम, महंगी घड़ी, महंगे मोबाइल और महंगी साड़ियां भी मिली है। भदोरिया ३१ अगस्त २०२५ को अलीराजपुर के जिला आबकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए थे। उनके बेटे सूर्यांश के द्वारा एक कंपनी बनाकर इमेजिनरी मूवी बनाने का भी काम किया गया।
इस तरह से इस काम में भी भदोरिया के द्वारा फिल्म निर्माण में अपना पैसा लगाया गया। इस कार्य में उनकी बेटी अपूर्वा भी शामिल रही। पूरे सेवा काल के दौरान वेतन भत्ते के रूप में भदोरिया को २ करोड रुपए प्राप्त हुए जबकि प्रारंभिक तौर पर ही उनकी कमाई से ८ करोड रुपए खर्चा होने के तथ्य सामने आए हैं। जांच में लगे लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न बैंकों में उनके ५ लाकर निकले हैं इसके साथ ही उनके बैंकों में खाते भी पाए गए हैं। उनके पास में बड़ी संख्या में गाड़ियां भी पाई गई है इनकी जांच की जा रही है। कुछ अचल सम्पतियों के कागजात भी मिले हैं। इनमें से कौन सी गाड़ी किसके नाम पर है यह देखना होगा। भदोरिया के द्वारा काउंटी बाग में ४७०० स्क्वायर फीट क्षेत्र में आलीशान बंगला बनाने का काम किया जा रहा था। मनोरमागंज में उनके पास में तीन बेडरूम, हॉल, किचन का आलीशान फ्लैट हैं। इसके साथ ही उनके घर की तलाशी के दौरान ५०० यूरो के १० नोट मिले हैं। इस तरह से उनके पास में ५००० यूरो भी पाए गए हैं।
2020 में हुए थे निलंबित
धर्मेंद्र सिंह भदौरिया का पूरा कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। वह अपनी तैनाती के दौरान हमेशा चर्चा में रहे हैं। उनकी कार्यशैली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विशेष रूप से 2020 में उन्हें एक गंभीर मामले में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई आगामी वित्त वर्ष के लिए जिले के शराब ठेकों की नीलामी समय पर न करवा पाने और इस प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़ी लापरवाही बरतने के कारण की गई थी। उनके ऊपर लगे आरोपों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्त की गई संपत्ति का आधिकारिक मूल्यांकन जारी किया जाएगा।
