
इंदौर,
एम.पी.आई.डी.सी क्षेत्रीय कार्यालय इन्दौर के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने बुधवार को इन्फ्रा एवं तकनीकी कक्ष के अधिकारियों के साथ राऊ-पीथमपुर रोड, रंगवासा औद्योगिक क्षेत्र, निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन होस्टल एवं पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया।
विगत समय में राऊ-पीथमपुर रोड खराब होने की शिकायत कार्यालय को प्राप्त हो रही थी, जिस संबंध में टोल कम्पनी को तत्काल सड़क की मरम्मत किए जाने हेतु निर्देशित किया गया था। पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा श्री प्रजापति द्वारा आज भ्रमण के दौरान की गई। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता एवं गति को बढ़ाए जाने हेतु निर्देशित किया गया। प्राय: सुबह कार्यालय खुलने के समय एवं शाम को छुट्टी होने के समय उच्च यातायात दबाव होता है एवं वाहनों की लम्बी कतार लग जाती है, इसलिये श्री प्रजापति द्वारा टोल की क्षमता में सुधार करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
कार्यकारी संचालक द्वारा राऊ रंगवासा औद्योगिक क्षेत्र के भ्रमण एवं चल रहे सी.ई.टी.पी. एवं सड़क के कार्य का मुआयना किया गया। इस सी.ई.टी.पी. की क्षमता 250 किलोलीटर प्रतिदिन है। इसके चालू हो जाने से स्थानीय उद्योगों विशेषकर फूड इण्डस्ट्री को लाभ प्राप्त होगा एवं उनकी लागत में कमी आएगी। साथ ही औद्योगिक इकाईयों को औद्योगिक जल प्रदाय करने की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे स्थानीय शिकायतों से निजात प्राप्त होगी। एजेंसी को कार्य की गति बढ़ाए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
श्री प्रजापति द्वारा पीथमपुर में निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन होस्टल के कार्यों का भी मुआयना किया गया। यह परियोजना पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत इकाईयों में महिलाओं की सहभागिता को एक नया आयाम देगी। इस योजना से कंपनियों में कार्य कर रही महिलाओं को साफ, स्वस्थ एवं सुरक्षित परिवेश उपलब्ध हो सकेगा, जिससे घर से दूर रहकर भी महिलाओं को कार्य करने में प्रोत्साहन प्राप्त होगा। भ्रमण के दौरान पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे अन्य मेन्टेनेन्स कार्यों का भी दौरा किया गया, जिसमें ड्रेनेज लाईन, स्ट्रीट लाईट एवं सड़क आदि शामिल थे।
कार्यकारी संचालक द्वारा सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि औद्योगिक क्षेत्र के संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए, साथ ही कार्य कर रही एजेंसियों से लगातार रिपोर्ट प्राप्त की जाये एवं औद्योगिक इकाईयों की शिकायतों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाये।
