द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन मंदिर में आज सुबह होगा ध्वजारोहण का मुख्य महोत्सव – संगीतमय महाआरती सम्पन्न – अनेक अतिथि आएंगे

इंदौर
वर्तमान हालातों में पूरे विश्व को जैन धर्म के आदर्श सिद्धांतों की जरूरत है। दया, करुणा, परमार्थ और सेवा जैसे संस्कारों में गूथे हुए जैन धर्म को आज पूरे विश्व ने प्रासंगिक और महत्वपूर्ण माना है। जहाँ दुनिया के अन्य देश एकदूसरे के साथ युद्ध और वर्चस्व की लड़ाई में घिरे हुए हैं, वहां भारत जैसे संप्रभुता सम्पन्न देश में आज भी भारत की धर्म और संस्कृति की ध्वजा सबसे ऊपर फहरा रही है। जैन धर्म के तीर्थंकरों ने समाज को सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह जैसे मंत्र देकर समूची मानवता पर बहुत बड़ा उपकार किया है। मंदिरों से व्यक्ति को सदगुणों और श्रेष्ठ विचारों से मालामाल बनने और समाज को संस्कारों से समृद्ध बनाने की प्रेरणा और शक्ति मिलती है। यही कारण है कि हमारी नई पौध भी उच्च शिक्षा के साथ संस्कारों में ढलकर पूरे विश्व में जिनशासन का नाम ऊँचा कर रही है।
ये प्रेरक आशीर्वचन हैं प.पू. पंयास प्रवर योगरुचि विजय म.सा. के, जो उन्होंने गुरुवार को द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर के 25वें ध्वजारोहण महोत्सव में श्रीसिद्धाचल नवाण प्रभारी महापूजन की आराधना के दौरान व्यक्त किए। धर्मसभा में प.पू. वर्धमान तपोनिधि प्रियदर्शन विजय म.सा. एवं नंदीरूचि विजय म.सा. आदिठाणा भी उपस्थित रहे जिनकी पावन निश्रा में पूजन की विधि पूरे उत्साह और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय नाहर, सुशील कुकड़ा, चेतन भंडारी, अमृत मूणत, विनोद कोठारी, रीतेश सेखावत, सतीश जैन एवं दिनेश धींग आदि ने समाज बंधुओं की अगवानी की। इसके पूर्व ध्वजा महोत्सव के पंचम सौपान पर महोत्सव की विभिन्न क्रियाएँ भी सम्पन्न हुई। आयोजन में वीरमणि युवामित्र मंडल, शीतलनाथ महिला मंडल, सामायिक मंडल, श्रीसंघ एवं ध्वजा महोत्सव से जुड़े सैकड़ों बंधु भागीदार बने हुए हैं।
संगीतमय महाआरती में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु – समिति के नितिन बावेल, यशवंत जैन, कांतिलाल लुणावत, अभय राखेचा एवं जवाहर लोढ़ा ने बताया कि रात्रि में प्रभु मणिभद्रवीर की संगीतमय महाआरती में क्षेत्र के 2 हजार से अधिक समाज बंधुओं ने सपरिवार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उज्जैन के संगीतकार राज मोदी और उनकी टीम के सदस्यों ने अपने मनोहारी भजनों से समूचे मंदिर परिसर को गुंजायमान बनाए रखा। नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने प्रभु आराधना में पूरी तल्लीनता और तन्मयता से भाग लिया। देर रात तक भजनों का दौर चलता रहा। मन्दिर ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष संजय नाहर एवं अन्य पदाधिकारियों ने मोदी एवं अन्य कलाकारों का बहुमान किया।
आज ध्वजारोहण का मुख्य महोत्सव – महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 8 मई को गुरुदेव की पावन निश्रा एवं सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव मुख्य अतिथि, उद्योगपति जयसिंह-टीना जैन, दीपक जैन टीनू, भारत पारख, दिलीप सी जैन, विमल नाहर एवं राजेंद्र जैन के विशेष आतिथ्य में सुबह विधिकर्ता आशीष जैन (जावरा) के निर्देशन में स्नात्र पूजन के बाद ध्वजारोहण विधि प्रारंभ होगी। ध्वजा का वरघोडा मंदिर से प्रारम्भ होकर विभिन्न मार्गों से होता हुआ पुनः मंदिर में प्रवेश करेगा। तद्पश्चात लाभार्थी परिवार द्वारा ध्वजा स्थापना के पश्चात मंदिर पर धर्मसभा होगी तथा तद्पश्चात नार्मदीय ब्राह्मण धर्मशाला पर स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी होगा। अधिष्ठायक देवरिया की ध्वजा के लाभार्थी संजय मनोज इशु नाहर परिवार एवं गुरुदेव की देवरिया के ध्वजारोहण का लाभ सुभाष शशि चतर परिवार ने लेने का संकल्प व्यक्त किया है जबकि ध्वजारोहण, नवकारसी एवं स्वामी वात्सल्य के मुख्य लाभार्थी अरुण-संध्या, अभिषेक-लवीना, अजय-अनीता पोरवाल परिवार होंगे।
उल्लेखनीय है कि द्वारकापुरी स्थित शीतलनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर पर 24 वर्षों पूर्व प.पू. गच्छाधिपति आचार्य जयघोष सूरीश्वर म.सा. के सानिध्य एवं प.पू. आचार्य वीररत्न सूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा में ध्वजा की स्थापना की गई थी। अब मंदिर प्रांगण में इस वर्ष नवप्रतिष्ठित भगवान शंखेश्वर प्रभु, श्री नाकोडा भैरवजी, श्री भौमिया देव के साथ गुरुदेव आचार्य श्री वीररत्न सूरीश्वर म.सा. का गुरु मन्दिर भी प्रतिष्ठित हो चुका है।
