
महालक्ष्मी-नारायण महायज्ञ व भागवत कथा का शुभारंभ
कलश यात्रा के साथ गूंजा भक्ति का स्वर
सात दिवसीय यज्ञ-कथा महोत्सव, विश्व शांति और आध्यात्मिक जागृति का संदेश
इंदौर। शहर में धर्म, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। हातोद गांधीनगर रोड स्थित बुडानिया में भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद भगवत कथा ओर महालक्ष्मी महानारायण यज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी हेमलता शास्त्री के मुखारविंद से प्रवाहित होगी । वही प्रातः 8 बजे से ब्रम्हचारी यज्ञाचार्य आचार्य प्रशांत महाराज (विद्याधाम) एवं आचार्य पंडित राजेश शर्मा (विद्याधाम) के मार्गदर्शन में सप्त दिवसीय श्री पंचकुंडीय श्री महालक्ष्मी-नारायण महायज्ञ में भक्त आहुतियां देंगे । कलश यात्रा में टाट बाबा आश्रम के महंत कृष्ण गिरी जी महाराज भी रथ पर विराजित हो कर भक्तों को आशीर्वाद दिया।आयोजक कर्ता -अंतर सिंह चौधरी और केदार सिंह चौधरी ने बताया कि कलश यात्रा सुबह 8 बजे हातोद रोड स्थित टाट बाबा आश्रम से निकली, जो विभिन्न मार्गों होती हुई बुडानिया कथा स्थल पर पहुंची । यात्रा में डीजे, घोड़े, बग्घी, अश्व दल और भारत माता व महापुरूषों की वेशभूषा में बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे।
वृंदावन की कथा वाचिका हेमलता शास्त्री का आह्वान: संतानों को दें संस्कार, माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
भागवत कथा के प्रथम दिवस अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी हेमलता शास्त्री जी (मथुरा वृंदावन ) ने कथा का महत्व बताते हुए कहा कि कथा जहां होती है, वहां शुभ मंगल ही होता है। युवा सही दिशा में जाने के लिए प्रेरित होता है । आज के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज के बच्चों को विशेष कर संतानों को उपदेश देना है कि जिस प्रकार से वृद्धाश्रम बढ़ रहे है वह चिंता का विषय है। यदि माता पिता की सेवा कर ली तो घर में ही काशी है । संस्कार आज की संतानों में धर्म के मार्ग से ही आयेंगे ।
आचार्य प्रशांत महाराज बोले: महायज्ञ का उद्देश्य पारिवारिक सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक जागृति
श्री चौधरी ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक 21 जोड़े महायज्ञ में आहुतियां देंगे। यज्ञ के माध्यम से विश्व शांति, सद्बुद्धि, पारिवारिक सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक जागृति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।ब्रम्हचारी यज्ञाचार्य आचार्य प्रशांत जी महाराज ने कहा कि महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, दया, सेवा और करुणा की भावना जागृत करने का माध्यम है। यज्ञ और कथा के जरिए लोगों को भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।आयोजन समिति के साईं ओम चौधरी और हरि ओम चौधरी के अनुसार आयोजन स्थल को आकर्षक धार्मिक स्वरूप दिया गया है। विशाल यज्ञ मंडप और भव्य सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कथा और यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा वातावरण देखने को मिलेगा।
