भगवान हुए बुखार से मुक्त, मंदिर के पट खुले-अब शुक्रवार से रथ की साज सज्जा

इंदौर निपान्या स्थित इस्कॉन मंदिर पर जगन्नाथपुरी की तर्ज पर बुधवार गुडिचा मार्जन अर्थात मंदिर की सफाई का अभियान चलाया गया, जिसमें इस्कॉन इंदौर के अध्यक्ष स्वामी महामनदास एवं अन्य संतों के मार्गदर्शन में सैकड़ों भक्तों ने भगवान जगन्नाथ एवं राधा गोविन्द मंदिर की साफ सफाई एवं धुलाई कर भगवान की सेवा की। स्वामी महामनदास ने कहा कि चैतन्य महाप्रभु ने भी स्वयं झाड़ू लगाकर यह प्रेरणा दी है कि भगवान की सेवा का कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। बाहरी सफाई की तरह अंतर्मन की शुद्धि भी जरुरी है।
निपान्या स्थित इस्कॉन मंदिर पर आज से भगवान के पट खोल दिए गए हैं। जगन्नाथपुरी की तर्ज पर भगवान अब बुखार से मुक्त होकर स्वस्थ हो गए हैं इसलिए बुधवार को सफाई एवं धुलाई सहित अन्य सेवाकार्य भी किए गए जिनमें श्रीनिकेतन दास, अद्विधरण दास, गिरधर गोपाल दास, विशाल प्रभु, अच्युत गोपाल दास, रणधीर दास, कृष्णा देवी दासी और रथ यात्रा के संयोजक हरि अग्रवाल किशोर गोयल, अशोक गोयल, भावेश दवे और गुरुकुल के विद्यार्थियों सहित सैंकड़ों भक्तों ने भाग लिया। गौडीय वैष्णव परम्परा में गुडिचा मार्जन अर्थात मंदिर की सफाई का विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार चैतन्य महाप्रभु ने रथ यात्रा की तैयारी के पूर्व इस प्रक्रिया को हृदय की शुद्धि का प्रतीक बताया है। जैसे भगवान को मंदिर में विराजित करने के पूर्व मंदिर को साफ़ किया जाता है वैसे ही अपने हृदय में विराजित करने के पूर्व मन को काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और ईर्ष्या जैसे विकारों से मुक्त बनाना चाहिए। शुद्ध हृदय में भगवान की कृपा और प्रेम का प्राकट्य होना चाहिए। सफाई अभियान में वृन्दावन से पधारे संत सर्वसाक्षी प्रभु एवं जगत जीवन दास प्रभु भी उपस्थित थे।
रथ यात्रा संयोजक हरि अग्रवाल ने बताया कि अब मंदिर पर रविवार 19 जुलाई को अन्नपूर्णा आश्रम से निकलने वाली भव्य रथ यात्रा की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। गुरुवार को वृन्दावन से भगवान की पोशाक एवं फूल बुलवाए गए हैं। रथ की साज सज्जा शुक्रवार से शुरू हो जाएगी।
