
इंदौर एरोड्रम रोड, पीलिया खाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर जन्माष्टमी का महापर्व शुक्रवार, 4 सितम्बर को हंस पीठाधीश्वर महंत रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में धूमधाम से मनाया जाएगा। मठ स्थित भगवान रणछोड़जी का नारायण स्वरूप में श्रृंगार तो होगा ही, आकर्षक झांकियां भी भक्तों को देखने को मिलेगी। मठ पर जन्माष्टमी महोत्सव के उपलक्ष्य में रंगारंग मेला भी लगा हुआ है जिसमें बच्चों के लिए बड़े एवं छोटे झूलों सहित अनेक आकर्षण मौजूद हैं।
जन्माष्टमी महोत्सव के लिए मठ पर इस बार दो दिवसीय महोत्सव मनाया जाएगा जिसमें भगवान कृष्ण के मथुरा काराग्रह में जन्म और जन्म के पूर्व वासुदेव एवं देवकी को भगवान द्वारा चारभुजा के रूप में दर्शन देने के साथ ही यमुना पार करते हुए झांकी भी आकर्षक विद्युत एवं पुष्प सज्जा से श्रृंगारित रहेगी। इसके साथ ही वासुदेव और देवकी नन्हे कृष्ण को लेकर यमुना पार करते हुए नजर आएंगे वहीं एक अन्य झांकी में भगवान की रासलीला और यमुना नदी में कालियादेह नाग के मर्दन की झांकी भी इस बार मथुरा-वृन्दावन से आए कलाकारों द्वारा बनाई जा रही है। मठ पर इन दिनों भादौ मास के उपलक्ष्य में झूलन लीला भी आयोजित की जा रही है। इसके अलावा मठ परिसर में बच्चों के मनोरंजन के लिए बड़े एवं छोटे झूले, चकरी झूले तथा मनोरंजन के अन्य साधनों सहित मेला भी चल रहा है जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में सपरिवार आकर आनंद ले रहे हैं। मठ पर बन रही झांकियों को आम भक्तों के लिए इस बार गुरुवार 3 सितम्बर से ही दर्शनार्थ खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। जन्माष्टमी के दिन रात 10 बजे अभिषेक, पूजा, अर्चना के पश्चात रात 11.30 बजे से भक्तों को प्रसाद वितरण तथा भगवान पद्मनाथ स्वरूप शालीग्रामजी का पंचामृत अभिषेक होगा और रात ठीक 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव की महाआरती के बाद पंजेरी प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा। इस मौके पर मठ स्थित सभी देवालयों का आकर्षक श्रृंगार भी दर्शनीय रहेगा। मठ पर आकर्षक रंगीन रोशनी भी की जा रही है।
