इंदौर। सिमरोल थाना क्षेत्र के आशापुरा मंदिर के पास जंगल में पिछले साल हुई एक युवक की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने मर्ग जांच के बाद बड़ा एक्शन लिया है। पैसे के लेन-देन को लेकर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी के खिलाफ सिमरोल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर ही पीड़ित ने जंगल में नदी किनारे आत्मघाती कदम उठाया था। पुलिस के अनुसार, घटना गत १६ नवंबर २०२५ की है, जब सिमरोल स्थित आशापुरा मंदिर के आगे जंगल में नदी के किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिला था। जांच करने पर मृतक की पहचान विजय पिता रामसिंह मीणा निवासी ब्रिटिश पार्क, इंदौर के रूप में हुई थी। पुलिस ने प्राथमिक तौर पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और मामले की विस्तृत जांच शुरू की। मर्ग जांच के दौरान पुलिस को मृतक के परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी मुकेश पिता यशवंत वाडे निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, बफार्नी नगर, इंदौर लगातार मृतक विजय मीणा को पैसों के लेनदेन की बात को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोपी द्वारा दी जा रही लगातार यातनाओं और धमकियों से तंग आकर विजय मीणा ने आशापुरा मंदिर के पास सूने जंगल में जाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सिमरोल थाना पुलिस ने आरोपी मुकेश वाडे के खिलाफ सुसंगत धाराओं में ० प्रकरण दर्ज कर लिया है।
