
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अहिल्या उत्सव आयोजित
इंदौर
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय किला भवन इंदौर में आज 10 सितंबर 2026 को अहिल्या उत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व, कृतित्व, लोककल्याणकारी कार्यों तथा सुशासन की परंपरा से छात्राओं को परिचित कराना था। कार्यक्रम में देवी अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों का स्मरण किया गया। वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, न्यायप्रियता, प्रशासनिक कुशलता, धर्म-संस्कृति संरक्षण तथा जनकल्याण के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास में ऐसी आदर्श शासिका के रूप में प्रतिष्ठित हैं, जिन्होंने अपने शासनकाल में प्रजा के हित, न्याय, धर्म, संस्कृति एवं लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और प्रशासनिक कुशलता का परिचय देते हुए एक आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित की। उनका जीवन यह संदेश देता है कि नेतृत्व केवल सत्ता का संचालन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का माध्यम है।
प्रो. प्रेरणा ठाकुर ने अहिल्याबाई होलकर द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों, मंदिरों एवं तीर्थस्थलों के संरक्षण, धर्मशालाओं, घाटों, कुओं एवं जलस्रोतों के निर्माण तथा यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्य आज भी लोकसेवा और सुशासन के आदर्श के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए संवेदनशीलता एवं समानता की भावना के साथ कार्य किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण एवं नेतृत्व के क्षेत्र में अहिल्याबाई होलकर की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं को बताया गया कि एक महिला शासक के रूप में उन्होंने अपने समय की सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों के बीच जिस साहस, दूरदर्शिता और निर्णय क्षमता का परिचय दिया, वह वर्तमान पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी है। उनका जीवन छात्राओं को आत्मविश्वास, स्वावलंबन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करता है।
इस अवसर पर छात्राओं को अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेते हुए न्यायप्रियता, करुणा, सेवा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन भारतीय ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा में निहित लोकमंगल की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। अहिल्या उत्सव के माध्यम से छात्राओं को अपने गौरवशाली इतिहास एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने तथा महान विभूतियों के जीवन-मूल्यों को वर्तमान संदर्भ में समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. निधि गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की आई.क्यू. ए. सी प्रभारी प्रो. मनीषा जोशी, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. निशा जैन, प्रो. रजनी भारती सहित अन्य प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
