
इंदौर से उठी छात्रों की आवाज देश की आवाज बनेगी : जीतू पटवारी
शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर युवाओं के सपनों को कुचला जा रहा है : उमंग सिंघार
इंदौर, 18 सितंबर 2026। इंदौर के भारत जोड़ो मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ के संदर्भ में मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी श्री हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। नेताओं ने देश और मध्य प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा युवाओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री हरीश चौधरी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के सवालों को उठाने वाला आंदोलन है। संविधान ने श्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाया है और देश के छात्रों की आवाज सुनने तथा उनके सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और भारत सरकार की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशभर में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रही है। जिस तरह छात्रों के आंदोलनों को दबाने की कोशिश की गई, वह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को शांत करने के लिए बल प्रयोग किया गया और कई स्थानों पर छात्रों के साथ दमनात्मक कार्रवाई हुई।
हरीश चौधरी ने कहा कि देश के छात्रों के सवालों को उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ का मंच तैयार किया गया है। कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे के बाद अब इंदौर में यह आवाज उठ रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के भी दो विद्यार्थियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। दिल्ली विश्वविद्यालय में देवास के जिस छात्र की मृत्यु हुई, उसकी मां आज भी न्याय की मांग कर रही है। देवास की वह मां सरकार से जवाब मांग रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि मोहन भागवत जी के उज्जैन आगमन से उम्मीद थी कि मध्य प्रदेश के युवाओं के ज्वलंत सवालों पर बात होगी और भाजपा सरकार को कोई दिशा मिलेगी, लेकिन प्रदेश के लाखों युवाओं के सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में 1.04 लाख से अधिक पद खाली हैं। सरकार को बताना चाहिए कि इन पदों पर युवाओं की भर्ती कब होगी।
श्री पटवारी ने कहा कि सरकार के रोजगार पोर्टल पर 27 लाख से अधिक Job Seekers दर्ज हैं। इन युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? MPPSC की कई भर्तियां वर्षों से लंबित हैं। युवा परीक्षा दें या नियुक्ति का इंतजार करें, सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि PLFS-2025 के अनुसार 15 से 29 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत और शहरी युवाओं में 9.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह स्थिति बताती है कि युवाओं के सामने रोजगार का संकट कितना गंभीर है।
श्री पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि UDISE+ के अनुसार मध्य प्रदेश में 7,217 Single-Teacher Schools हैं और इन स्कूलों में करीब 2.29 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे सुनिश्चित होगी, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा, परिणाम, चयन और नियुक्ति में होने वाली देरी युवाओं के जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छीन रही है। सरकार को समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करना चाहिए और कौशल विकास के बाद युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का रास्ता सुनिश्चित करना चाहिए।
श्री पटवारी ने कहा कि जब पढ़े-लिखे युवाओं को अपने ही प्रदेश में अवसर नहीं मिलता, तो उन्हें दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन करना पड़ता है। आज मध्य प्रदेश का युवा प्रवचन नहीं, शिक्षा, रोजगार, भर्ती और अपने भविष्य पर स्पष्ट जवाब चाहता है।
उन्होंने युवाओं से जुड़े सवालों को सामने रखते हुए कहा कि 19 सितंबर को इंदौर में होने वाली ‘छात्रों की गूंज’ में छात्रों और युवाओं की वास्तविक आवाज सामने आएगी।
नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि जो बच्चा पढ़ना चाहता है, उसकी मेहनत और सपनों को कुचलने का काम आज की शिक्षा व्यवस्था कर रही है। देश के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की तैयारी चल रही है और लोकतंत्र को बचाने के लिए राहुल गांधी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत रखना है तो हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। ‘छात्रों की गूंज’ का उद्देश्य ही यही है कि युवाओं की आवाज सुनी जाए और उनके सवालों को राष्ट्रीय मंच मिले।
श्री सिंघार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान और बजट में लगभग 0.9 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की बात सामने आती है। जब शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट नहीं होगा तो मध्य प्रदेश के युवाओं की मांगें कैसे पूरी होंगी?
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में 72 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली हैं और 90 हजार से अधिक पदों पर बैकलॉग भर्ती लंबित है। अतिथि शिक्षक सड़कों पर हैं, पैसा एक्ट को लेकर आदिवासी वर्ग आंदोलन कर रहा है। चुनाव के समय युवाओं का उपयोग किया जाता है, लेकिन चुनाव के बाद उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
उन्होंने प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि छात्रों के अधिकारों तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय भ्रष्टाचार और निजी हितों को बढ़ावा देने के आरोप सामने आते रहे हैं।
श्री सिंघार ने OBC आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में OBC वर्ग से जुड़े राजनीतिक दावों के बावजूद इस वर्ग के युवाओं और विद्यार्थियों के सवाल आज भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि शहरों में छात्रों के लिए उपलब्ध फंड को भी रोक दिया गया है। राहुल गांधी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और कांग्रेस छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि छात्रों के कार्यक्रमों के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा किराया लिया जाता है, जबकि भाजपा के कार्यक्रमों के लिए ऐसी व्यवस्था अलग दिखाई देती है। उन्होंने इसे लेकर भी सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की।
उन्होंने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं के बावजूद सरकार और भाजपा उत्सव मना रही है। उन्होंने कहा कि इंदौर से उठने वाली ‘छात्रों की गूंज’ की आवाज देश की आवाज बनेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा—छात्रों और युवाओं के सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, सरकारी भर्ती, परीक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षक भर्ती, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, OBC आरक्षण और युवाओं के पलायन जैसे मुद्दे केवल राजनीतिक सवाल नहीं, बल्कि देश और प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े विषय हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से युवाओं को अपनी बात रखने का मंच दिया जा रहा है और सरकार से उनके सवालों के स्पष्ट जवाब की मांग की जा रही है।
प्रमुख कांग्रेस नेता रहे उपस्थित
इस अवसर पर CWC सदस्य श्री कमलेश्वर पटेल ,पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अरुण यादव, राज्यसभा सांसद श्री अशोक सिंह, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, मीडिया विभाग अध्यक्ष श्री मुकेश नायक, श्री सचिन यादव, श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, श्री बाला बच्चन, श्री प्रियव्रत सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव कुणाल चौधरी, सहित कांग्रेस के विधायकगण, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
