“जॉब मांगने वाले नहीं, अवसर देने वाले बनिए” — स्वामी विज्ञानानंद
“अपनी प्रतिभा दूसरों के सपनों को बनाने में क्यों लगाएं? आपका उद्यम आपसे बस एक संकल्प दूर है”
इंदौर

वर्ल्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक एवं ग्लोबल कोऑर्डिनेटर स्वामी विज्ञानानंद के इंदौर आगमन पर हिन्दू इकोनॉमिक फोरम, इंदौर चैप्टर के नवनियुक्त पदाधिकारियों श्री तपन शर्मा, श्री नमन अग्रवाल, श्री अक्षय गुप्ता एवं श्रीमती खुशबू सेठिया ने स्वामी विज्ञानानंद जी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वामी विज्ञानानंद ने इंदौर में आयोजित ‘स्वागत एवं संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं, प्रोफेशनल्स और उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि समाज को केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। स्वामी ने कहा कि व्यक्ति को अपनी प्रतिभा, कौशल और क्षमता का उपयोग केवल किसी दूसरे के व्यवसाय को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपनी क्षमताओं में निवेश कर स्वयं का उद्यम और आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “आप अपनी प्रतिभा और कौशल का निवेश किसी और के लिए पैसा बनाने में क्यों कर रहे हैं? अपने टैलेंट को अपने स्वयं के व्यवसाय साम्राज्य के निर्माण में लगाइए।” उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त समाज के निर्माण के लिए अधिक से अधिक लोगों को उद्यमिता, संपदा निर्माण और रोजगार सृजन की दिशा में आगे आना होगा। कार्यक्रम के दौरान स्वामी विज्ञानानंद जी के कर-कमलों से हिन्दू इकोनॉमिक फोरम, इंदौर चैप्टर के ब्रोशर का विमोचन एवं अनावरण भी किया गया। इस अवसर पर इंदौर एवं मालवा में हिन्दू इकोनॉमिक फोरम की आगामी गतिविधियों, उद्देश्यों और कार्ययोजना को लेकर भी जानकारी साझा की गई।
आर्थिक शक्ति को सामाजिक समृद्धि का आधार बनाने का आह्वान
आईआईटी खड़गपुर से ग्रेजुएट एवं वर्ल्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक स्वामी विज्ञानानंद जी पिछले वर्षों से विश्वभर के उद्योगपतियों, उद्यमियों, निवेशकों, बैंकर्स, प्रोफेशनल्स, अर्थशास्त्रियों एवं शिक्षाविदों को एक साझा मंच से जोड़ने के प्रयास में सक्रिय हैं। वर्ल्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम का उद्देश्य आर्थिक ज्ञान, अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों के आदान-प्रदान के माध्यम से संपदा निर्माण और उसके व्यापक सामाजिक उपयोग को बढ़ावा देना है। इसकी अवधारणा का मूल मंत्र “धर्मस्य मूलम् अर्थः” है।इसी भावना के अनुरूप हिन्दू इकोनॉमिक फोरम स्थानीय स्तर पर उद्योग एवं व्यापार जगत को “साथ बढ़ें, साथ बांटें” की भावना से जोड़ते हुए सहयोग, नेटवर्किंग, ज्ञान-विनिमय और नए आर्थिक अवसरों का मंच उपलब्ध कराता है। भारत में 19 से अधिक हिन्दू इकोनॉमिक फोरम चैप्टर्स के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और विभिन्न आर्थिक हितधारकों को व्यापक नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
26 सितंबर को होगा हिन्दू इकोनॉमिक फोरम इंदौर चैप्टर का औपचारिक शुभारंभ
इंदौर में 26 सितंबर 2026 को ‘अर्थ-अभ्युदय’ कार्यक्रम के अंतर्गत हिन्दू इकोनॉमिक फोरम — इंदौर चैप्टर का औपचारिक शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में इंदौर एवं मालवा के प्रमुख उद्योगपति, उद्यमी, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आर्थिक हितधारक एक मंच पर उपस्थित रहेंगे। हिन्दू इकोनॉमिक फोरम इंदौर चैप्टर का उद्देश्य मालवा के आर्थिक परिवेश को मजबूत करना, स्थानीय उद्यमों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ना, निवेश एवं सहयोग के नए अवसर विकसित करना तथा मालवा से वैश्विक स्तर के ब्रांड और उद्यमों को आगे बढ़ाना है। इंदौर चैप्टर की नई टीम ने संकल्प व्यक्त किया कि क्षेत्र के विभिन्न आर्थिक हितधारकों को एक साझा मंच पर जोड़ते हुए “मालवा की समृद्धि और सशक्तिकरण” के लिए सामूहिक रूप से कार्य किया जाएगा।
दिसंबर में मुंबई में होगा वर्ल्ड हिन्द
इस अवसर पर स्वामी विज्ञानानंद जी ने वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस 2026 की भी जानकारी दी। चार वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला यह वैश्विक सम्मेलन 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। सम्मेलन में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, मीडिया, संगठन, महिला एवं युवा नेतृत्व सहित विभिन्न विषयों पर वैश्विक स्तर पर विचार-विमर्श होगा। वर्ष 2026 के आयोजन की थीम “साझी प्रतिबद्धता : सामूहिक संकल्प” है।
