‘अर्थ-अभ्युदय’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंथा नागेश्वरन ने उद्योग जगत को दिया मार्गदर्शन

इंदौर। इंदौर में 26 सितंबर को हिंदू इकोनॉमिक फोरम (एचईएफ) के इंदौर चैप्टर का भव्य शुभारंभ ‘अर्थ-अभ्युदय कॉन्क्लेव’ के साथ हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंथा नागेश्वरन ने मुख्य वक्तव्य दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदू इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक एवं वैश्विक समन्वयक स्वामी विज्ञानानंद जी ने की। समारोह में इंदौर एवं मालवा से बड़ी संख्या में प्रमुख उद्योगपति, उद्यमी, निवेशक एवं व्यवसायिक नेतृत्व उपस्थित रहा।
अपने मुख्य वक्तव्य में डॉ. वी. अनंथा नागेश्वरन ने भारत की आर्थिक प्रगति, वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उभरते अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से मध्यप्रदेश में व्यवसायों के लिए नियामकीय सुधारों और इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पुराने एवं अप्रासंगिक कानूनों और प्रक्रियाओं को हटाने, व्यवसायों पर अनावश्यक नियामकीय बोझ कम करने तथा फास्ट-ट्रैक अप्रूवल जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से कारोबारी वातावरण को अधिक सरल और सुगम बनाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से इन सुधारों का लाभ उठाते हुए निवेश, नवाचार और व्यवसाय विस्तार को गति देने की अपेक्षा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों तथा इज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के उद्योगपतियों एवं उद्यमियों से मध्यप्रदेश से निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजारों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
‘मालवा से ग्लोबल’ पर उद्योग जगत का संवाद
‘अर्थ-अभ्युदय’ के अंतर्गत आयोजित ज्ञान-साझा सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में राजकोट से पधारे श्री चंदूभाई विरानी — डायरेक्टर , बालाजी वेफर्स ने उपभोक्ता की जरूरतों को समझते हुए मजबूत ब्रांड बनाने तथा गुणवत्ता एवं निरंतरता पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री अनिल सतवानी — प्रमोटर, सिम्बायोटेक फार्मालैब ने वैश्विक बाजारों में विस्तार के लिए तकनीक, गुणवत्ता, अनुपालन और अंतरराष्ट्रीय सोच को व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही।
श्री नारायण अग्रवाल — डायरेक्टर, श्री 420 अग्रवाल ग्रुप ने व्यवसाय के दीर्घकालीन विस्तार के लिए मजबूत सिस्टम, सही लोगों को जिम्मेदारी सौंपने और अगली पीढ़ी को तैयार करने पर जोर दिया।
श्री परेश चावला , ओनर, अल्पा लैबोरेटरीज ने फार्मा क्षेत्र में वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, गुणवत्ता और मजबूत निर्यात क्षमता को महत्वपूर्ण बताया।
“व्यवसायी एक साथ आएं और देश की आर्थिक शक्ति मजबूत करें” — स्वामी विज्ञानानंद
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी विज्ञानानंद जी, संस्थापक एवं वैश्विक समन्वयक, हिंदू इकोनॉमिक फोरम ने देश के व्यवसायियों और उद्यमियों से एक-दूसरे के साथ जुड़कर देश की आर्थिक शक्ति को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यवसाय केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक शक्ति, रोजगार और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
इंदौर चैप्टर की कार्यदिशा
एचईएफ इंदौर चैप्टर के अध्यक्ष श्री तपन शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आश्वस्त किया कि इंदौर चैप्टर मध्यप्रदेश से निर्यात बढ़ाने को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करेगा और इंदौर आधारित उद्यमों के निर्यात वॉल्यूम को बढ़ाने की दिशा में सक्रिय पहल करेगा।
चैप्टर के उपाध्यक्ष श्री नमन अग्रवाल ने कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी अतिथियों, उद्योगपतियों, उद्यमियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का संचालन सुश्री अर्चना ऐरन ने किया।
सचिव श्री अक्षय गुप्ता ने प्रस्तुति के माध्यम से हिंदू इकोनॉमिक फोरम के इंदौर चैप्टर की कार्यप्रणाली और आगामी दिशा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि चैप्टर का उद्देश्य उद्योगपतियों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स, निवेशकों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर सकारात्मक आर्थिक नेटवर्क और सहयोग का वातावरण तैयार करना है।
कोषाध्यक्ष सुश्री खुशबू सेठिया ने बताया कि कार्यक्रम में महिला उद्यमिता, युवा उद्यमियों और व्यवसायों के विस्तार से जुड़े अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई l
एचईएफ इंदौर चैप्टर ने कहा कि ‘अर्थ-अभ्युदय’ की शुरुआत के साथ इंदौर को ज्ञान, नेटवर्क, पूंजी, निवेश और वैश्विक व्यापार के अवसरों से जोड़ने तथा ‘मालवा से ग्लोबल’ की दिशा में ठोस पहल करने का प्रयास शुरू हुआ है।
