
हंसदास मठ पर निशुल्क तर्पण में मंत्री तुलसी सिलावट ने दिलाई पितरों के नाम पर पौधे लगाने की शपथ
इंदौर, हम दुनिया के कितने ही तीर्थ कर लें, मां-बाप की सेवा नहीं की तो कोई फल नहीं मिलेगा। भले ही कभी मंदिर नहीं जाएं या तीर्थ नहीं करें लेकिन यदि हमने अपने माता-पिता को उनके जीवनकाल में प्रसन्न बनाए रखा तो किसी तीर्थ की जरूरत नहीं। तर्पण तो उनकी तिथि वाले दिन ही नहीं, पूरे 365 दिनों तक करना चाहिए।
एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित हंसदास मठ के महामंडलेश्वर श्रीमहंत रामचरणदास महाराज के सानिध्य एवं महामंडलेश्वर महंत पं. पवनदास महाराज के मार्गदर्शन में श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा आयोजित निःशुल्क तर्पण अनुष्ठान में प्रथम तिथि पर पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी ने उक्त प्रेरक बातें कहीं। भगवान हरि विष्णु के पूजन के साथ तर्पण अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष हरि अग्रवाल, राजेन्द्र सोनी, राजेन्द्र गर्ग, मंत्री प्रतिनिधि अशोक गोयल, शंकरलाल वर्मा, महेन्द्र विजयवर्गीय, जगमोहन वर्मा, उमेश शर्मा, मुरलीधर धामानी आदि ने वैदिक मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। राज्य के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने भी तर्पण स्थल पहुंचकर आयोजन की सराहना करते हुए सभी साधकों को वर्षा जल की कमी को देखते हुए अपने-अपने घरों के आसपास अपने पितरों के नाम पर पौधरोपण करने का संकल्प दिलाया। आज करीब 500 साधकों ने विधि-विधानपूर्वक अपने-अपने पितरों के प्रति तर्पण क्रिया संपन्न की। तर्पण के बाद निर्धनों, पशु-पक्षियों के लिए खीर प्रसाद की व्यवस्था भी यहां प्रतिदिन रखी गई है।
पं. तिवारी ने तर्पण की विभिन्न क्रियाओं के दौरान कहा कि मरने के बाद तो सभी अपने पूर्वजों के लिए तर्पण एवं अन्य विभिन्न क्रियाएं करते हैं, लेकिन कोशिश यही होना चाहिए कि जीते-जी भी हम उनकी सेवा और प्रसन्नता में कोई कसर नहीं छोड़े। हमारे कर्म ऐसे हों कि बाद में पश्चाताप नहीं करना पड़े। आज यदि हम अपने पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर रहे हैं तो निश्चित ही कल हमारी संतान भी हमारे लिए ऐसा ही करेगी।
समिति के अध्यक्ष हरि अग्रवाल एवं महामंत्री डॉ. चेतन सेठिया ने बताया कि हंसदास मठ पर सभी साधकों के लिए तर्पण सामग्री आसन, थाली, कलश, दूध, दुर्वा, काले तिल, जौ, पुष्प एवं जनेऊ सहित सभी सामग्री समिति की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। तर्पण के दौरान दिवंगत पूर्वजों, स्वतंत्रता सेनानियों, देश के लिए शहीद हुए जवानों, अयोध्या राम मंदिर के कारसेवकों, इंदौर रियासत के पूर्व होल्कर शासकों तथा गौमाता के लिए भी मोक्ष की कामना के साथ विश्वशांति एवं जन मंगल के अनुष्ठान हुए। आरती में हनुमानप्रसाद सारड़ीवाल, हरीश नागोरी, जवाहरलाल शर्मा, अशोक बंग, राकेश चौहान, अरविंद बगथरिया, राजेश कायथा, अशोक नामदेव, राजकुमारी मिश्रा, मंजू सोनी, गीता विजयवर्गीय, छाया वर्मा सहित सभी साधकों ने भाग लिया।
सुबह 7.30 बजे तक पहुंचे- समिति के हरि अग्रवाल एवं राजेंद्र सोनी ने बताया कि हंसदास मठ पर श्राद्ध पक्ष में रविवार से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक तर्पण अनुष्ठान होगा। आम श्रद्धालु यहां आकर निःशुल्क तर्पण कर सकेंगे। तर्पण मे प्रयुक्त सभी सामग्री की व्यवस्था समिति द्वारा की जा रही है। इस दौरान 3 से 9 अक्टूबर तक पितृ मोक्षदायी भागवत कथा भी आचार्य पं. पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी। इस बार चतुर्थी एवं पंचमी तिथि एक ही दिन 30 सितम्बर को आएगी। कथा में कालूराम–श्यामा पटेल दम्पत्ति मुख्य यजमान मनोनीत किए गए हैं जो स्व. छोगालाल पटेल, मातुश्री स्व. संपत बाई पटेल एवं शुभम पटेल की पावन स्मृति में यह आयोजन करेंगे। जिन परिजनों को अपने पितरों के निधन की तिथि ज्ञात है, वे उस तिथि के दिन प्रातः 7.30 बजे तक घर से स्नान कर स्वच्छ श्वेत कुर्ता-पायजामा या धोती-कुर्ता पहनकर हंसदास मठ पहुंच जाएं। जिन्हें अपने पितरों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है, वे सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को शामिल हो सकते हैं।
