
दिन-रात बारह पारियों में नर्मदेश्वर शिवलिंग की 1 लाख बिल्व पत्रों से हुई आराधना – आज पूर्णिमा पर उमड़ा जनसैलाब
इन्दौर पंचकुइया स्थित श्री भूतेश्वर महादेव मन्दिर पर सावन के पहले दिन से चल रहे सर्व मनोकामना सिद्धिप्रद अहर्निश लक्ष्य बिल्वार्चन चिंतामणि महाप्रयोग की पूर्णाहुति शनिवार को अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजे होगी। मंदिर पर चल रहे अपने किस्म के इस अनूठे आयोजन में अब तक पूरे 30 लाख बिल्व पत्र समर्पित किए जा चुके हैं। पिछले सोमवार को शाही सवारी के पश्चात मंदिर पर दिनोंदिन भक्तों का मेला जुट रहा है। प्रतिदिन यहाँ सुबह से लेकर रात तक भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। महाभारत में वर्णित शिव आराधना के मन्त्रों, ओम नमः शिवाय, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर एवं अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों के नाम से यहाँ आठ शिवलिंग पर रोजाना 2-2 घंटे की बारह परियों में एक लाख बिल्व पत्र समर्पित किए जा रहे थे। देश में पहली बार इंदौर में भूतेश्वर महादेव पर इस तरह का अनुष्ठान आयोजित किया गया। श्रावणी पूर्णिमा के दिन तो भगवान शिव को बिल्व पत्र समर्पित करने के लिए 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यहाँ पहुंचकर बिल्व पत्र से पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ उठाया।
मंदिर के प्रमुख पं. हरीशानंद तिवारी एवं पं. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि यहाँ अब तक 30 लाख बिल्व पत्र समर्पित किए जा चुके हैं। अष्ट प्रहर चल रही इस अनूठी पूजा के आयोजन में देशभर से आए विद्वानों, आचार्यों और ब्राह्मणों के सानिध्य में प्रतिदिन शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के बीच 1 लाख बिल्व पत्र से रुद्राभिषेक, रुद्रपाठ एवं शिव आराधना से समूचा पंचकुईया क्षेत्र गुंजायमान बना रहा। प्राचीन भूतेश्वर महादेव के मूल विग्रह के साथ 7 अन्य नर्मदेश्वर शिवलिंग भी यहाँ स्थापित किए गए थे जहाँ दो-दो घंटे की बारह पारियों में भगवान भूतेश्वर को प्रतिदिन 1 लाख बिल्व पत्र समर्पित कर साधकों के परिवार, समाज और राष्ट्र में सुख शांति एवं सदभाव के साथ ही सुखद वर्षा की प्रार्थना भी की जा रही है। मंदिर पर अष्ट प्रहर पूजा का क्रम डॉ. विनायक पाण्डे के आचार्यत्व में चला जिसमें ॐ हौं जूं सः महामंत्र के साथ ही महाभारत में उल्लेखित शिव आराधना के मंत्रों से ओंकारेश्वर, उज्जैन एवं शहर की संस्कृत एवं वेद-वेदांग पाठ शालाओं के वेदपाठी ब्राह्मण, बटुक भी यहाँ आमंत्रित किए गए थे जिन्होंने पूरे श्रावण माह इस अनुष्ठान को संपादित किया। आज 30 लाख का लक्ष्य पूरा होने के बाद शनिवार को अभिजीत मुहूर्त में इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। इसके अलावा पिछले सोमवार को निकली भूतेश्वर महादेव की सवारी में भी हजारों भक्तों ने लाखों बिल्व पत्र समर्पित किए तथा मंदिर पर प्रतिदिन आने वाली कावड़ यात्राओं में शामिल भक्तों ने भी भूतेश्वर महादेव को बिल्व पत्र समर्पित किए। इस तरह 51 लाख बिल्व पत्र से भूतेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना के संकल्प का नया कीर्तिमान यहाँ स्थापित हुआ है।
