इंदौर में रविवार को दशहरा मैदान पर हुए सरकारी कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता व सुप्रसिद्ध कवि सत्यनारायण सत्तन (सत्तन गुरु) की बैठने व्यवस्था पर मचे बवाल ने भाजपा संगठन में हड़कम्प मचा दिया… नगर अध्यक्ष सहित अन्य भाजपाइयों को जहां सत्तन गुरु के घर जाकर मनाना पड़ा, तो अब विवाद बढ़ता देख महापौर पुष्यमित्र भार्गव को भी खेद जताना पड़ा… उन्होंने कहा कि ”सत्तन गुरु को आदर के साथ आमंत्रित किया गया था और मंच पर उनके बैठने की व्यवस्था भी की गई थी… हालांकि कुर्सी पर नाम की पर्ची ना होने और आपसी संवाद में कमी के चलते यह अप्रिय स्थिति निर्मित हुई… इस तकनीकी चूक से वरिष्ठ नेता को जो असुविधा हुई, उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से क्षमा प्रार्थी हूं और मुझे इस घटना का बेहद दुख है…” उधर, सुमित मिश्रा ने कहा – ”गुरुजी को आगामी कार्यक्रमों में बतौर वक्ता आमंत्रित करने के लिए आया हूं… दशहरा मैदान की घटना एक दुर्भाग्यपूर्ण गलतफहमी के कारण हुई… संगठन में काम करते समय कई बार अनजाने में त्रुटियां हो जाती हैं और गुरुजी जैसे वरिष्ठ नेता के सम्मान में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं होगी..!”
