इंदौर कनाडिय़ा थाना क्षेत्र के सोजातिया कॉलोनी में बीती रात खाना खाने के लिए थाली मांगने जैसी मामूली बात पर दो पड़ोसी चौकीदारों के परिवारों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लोहे के सरिये से हमला कर दिया, जिसमें एक युवक लहूलुहान हो गया, वहीं दूसरे पक्ष के बुजुर्ग भी घायल हुए हैं। कनाडिय़ा थाना पुलिस ने दोनों ही पक्षों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस से के अनुसार, पहले पक्ष से फरियादी किशन पिता लखन निवासी सोजातिया कॉलोनी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। किशन ने पुलिस को बताया कि बीती रात वह होटल से खाना लेकर आया था। चूंकि उसके पास बर्तन नहीं था, इसलिए वह पड़ोस में ही चौकीदारी का काम करने वाले राजकुमार और कल्लन के घर गया और उनसे खाना खाने के लिए एक थाली मांगी। थाली मांगने की बात पर आरोपी कल्लन अचानक भडक़ गया और गालियां देने लगा। जब किशन ने गाली देने से मना किया, तो कल्लन ने उसे जोर से धक्का दे दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसी दौरान कल्लन का लडक़ा राजकुमार वहां आया और उसने पास में रखा लोहे का भारी सरिया उठाकर किशन पर हमला कर दिया। सरिये का वार किशन के कान पर लगा, जिससे खून निकलने लगा। इसके अलावा उसके दाहिने हाथ में भी गंभीर चोटें आईं। जाते-जाते दोनों आरोपियों ने धमकी दी कि आज के बाद अगर उनके घर आया, तो उसे जान से खत्म कर देंगे। वहीं, दूसरे पक्ष के फरियादी कल्लन पिता हलकान निवासी सोजातिया कॉलोनी की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी किशन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बुजुर्ग कल्लन ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि बीती रात वह अपने लडक़े राजकुमार के पास बंगला नंबर 14 पर गया था। तभी पड़ोस में चौकीदारी करने वाला किशन पिता लखन बंसल अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर राजकुमार के यहां पहुंचा और खाना खाने के लिए थाली मांगने लगा। कल्लन के मुताबिक, जब उन्होंने थाली देने से मना किया, तो किशन ने गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर किशन ने बुजुर्ग कल्लन को पूरी ताकत से धक्का मार दिया, जिससे वे नीचे गिर गए और उनके बाएं हाथ के अंगूठे में गंभीर चोट लग गई और खून बहने लगा। कल्लन का आरोप है कि किशन अपने घर की तरफ भागते-भागते धमकी दे गया कि आज तो बच गए हो, आइंदा अगर मेरा काम नहीं किया तो तुम्हें जान से खत्म कर दूंगा और यहां चौकीदारी भी नहीं करने दूंगा।
