शुभ नक्षत्र में सुबह हुई घटस्थापना – गृह शांति के लिए हवनात्मक पाठ भी होंगे

इंदौर
विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर आषाढ़ गुप्त नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत बुधवार को सुबह आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य एवं आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में घटस्थापना के साथ हुई। गुप्त नवरात्रि में यहाँ प्रतिदिन शतचंडी अनुष्ठान होगा, जिसमें 21 विद्वान नियमितरूप से दुर्गा सप्तशती पाठ से भगवती माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी पराम्बा की आराधना करेंगे। शतचंडी अनुष्ठान प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक होगा।
आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, पं. दिनेश शर्मा एवं राजेंद्र महाजन ने बताया कि गुप्त नवरात्रि में माँ दुर्गा के जिन 10 स्वरूपों की साधना की जाती है, उन्हें दस महाविद्या कहा जाता है। इनमें धन और समृद्धि की देवी माँ कमला, संकटों से तारने वाली माँ तारा, शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली माँ बगलामुखी, काल और भय का नाश करने वाली माँ काली, ऐश्वर्य और सौन्दर्य की देवी माँ त्रिपुर सुंदरी, दरिद्रता का शमन करने वाली माँ धूमावती, दसों दिशाओं की रक्षक माँ भैरवी, ब्रह्मांड की स्वामिनी माँ भुवनेश्वरी, कला और बुद्धि की प्रदाता माँ मातंगी और अदम्य साहस एवं ऊर्जा की देवी माँ छिन्नमस्ता की आराधना शामिल है। विद्याधाम पर परम्परा के अनुरूप गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की आराधना हो रही है। प्रतिदिन भगवती का नित्य नूतन श्रृंगार भी किया जा रहा है।
आचार्य पं. राजेश शर्मा ने बताया कि आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि में साधकों द्वारा गुप्त रूप से कठिन साधनाएँ की जाती हैं, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इस बार लम्बे समय से कर्ज में डूबे अथवा व्यापार में घाटा झेल रहे या अज्ञात बाधाओं से परेशान जातकों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जब वे नियमपूर्वक माँ दुर्गा की पूजा, अर्चना एवं साधना कर अपने कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं। इस बार एक तिथि का क्षय होने से यह गुप्त नवरात्रि 8 दिनों की होकर 15 से 22 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान विद्याधाम पर शतचंडी अनुष्ठान में आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद सरस्वती भगवन की प्रेरणा से साधकों के हित में विभिन्न साधनाएँ सम्पादित की जाएंगी। अनुष्ठान में शामिल होने के इच्छुक साधक विद्याधाम कार्यालय पर सम्पर्क कर सकते हैं।
