टोंकखुर्द तहसील के संवरसी गांव निवासी नायक संजय मीणा उत्तराखंड में हुए एक हादसे में शहीद हो गए। संजय मीणा भारतीय सेना में अपनी ड्यूटी निभाते हुए देश की रक्षा में समर्पित थे। संजय हरियाणा के अंबाला में पदस्थ थे । पहाड़ी इलाके में ड्यूटी के दौरान संजय मीणा एक गहरी खाई में दब गए थे। सेना के जवानों ने लगातार तीन दिनों तक अथक प्रयास कर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अंबाला यूनिट में वापस लाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
संजय मीणा की अंतिम यात्रा शनिवार को निकली। परिवार के साथ पूरा गांव रोया। संवरसी सहित सहित आसपास के गांवों, नगरों से हजारों लोग अंतिम यात्रा में जुटे। हर किसी की आंख नम थी। सुबह गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला, दुकानें व अन्य प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे।
दोपहर करीब 12 गार्ड ऑफ ऑनर सेना के जवानों द्वारा दिया गया। संजय के 10 वर्षीय पुत्र युवराज ने गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम पर मुखाग्नि दी। इससे पहले सुबह इंदौर एयरपोर्ट से लेकर संवरसी तक सैकड़ों स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा करके संजय को श्रद्धांजलि दी। पूरे रास्ते देशभक्ति के तराने व संजय मीणा अमर रहे, के नारे गूंजते रहे।
